बड़वानी। शिक्षा के नाम पर भारी भरकम बजट और बच्चों को आधुनिक शिक्षा देने के लाख दावे किए जाते हैं। लेकिन इन सब के बावजूद प्रदेश में एक जगह ऐसी भी हैं यहाँ झोपड़ी में स्कूल संचालित किया जाता है। झोपड़ी भी ऐसी है कि जो न बच्चों को बारिश से बचा सकती हैं और ना ही ठंडी हवाओं से। पिछले दो सालों से स्कूल भवन का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन काम अब तक पूरा नहीं हुआ है। पिछले पांच सालों से स्कूल इसी झोपड़ी में संचालित हो रहा है।
झोपड़ी में संचालित होने वाले स्कूल की यह तस्वीरें बड़वानी जिले के बरुखोदरा के बोरपानी फलिया में चलने वाले प्राथमिक विद्यालय की है। झोपड़ी की दीवारों में जगह-जगह सुराग हैं, जिनमे से ठंडी-ठंडी हवाएं आती रहती हैं। झोपड़ी की छत तो बस नाम की है क्यों कि वह यहाँ बैठे बच्चों को बारिश से नहीं बचा सकती। गाँव के 48 बच्चे इस झोपड़ी में अपने भविष्य की नीव रखने पर मजबूर हैं। बच्चों की भी मजबूरी है कि वह जाएँ तो कहाँ जाएँ।
दरअसल ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा बोरपानी फलिया में पिछले पांच वर्षों से स्कूली भवन संचालित किया जा रहा है। विभाग द्वारा पिछले कई वर्षों से स्कूल भवन का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन सरकार बदल पर स्कूल भवन नहीं बन पाया। बच्चे इसी तरह झोपड़ी में पढ़ने पर मजबूर हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला यहाँ कोई नहीं है। झोपड़ी में संचालित स्कूल नेताओं के बड़े-बड़े दावे और वादो की सच्चाई से वाकिफ जरूर करा रहा हैं।
