छिंदवाड़ा। मुख्यमंत्री कमलनाथ के विधानसभा क्षेत्र छिंदवाड़ा में एक अधिकारी ने कलेक्टर की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली। अधिकारी के परिजनों ने आरोप लगाया कि कलेक्टर ने अधिकारी पर फर्जी तरीके से नियुक्ति कराने का दबाव बनाया था। जिससे तंग आकर अधिकारी ने आत्महत्या कर ली।
आत्महत्या करने वाले सहायक बंदोबस्त अधिकारी का नाम प्रवीण मरावी है। वह कई दिनों से सस्पेंड चल रहे थे। इससे परेशान होकर उन्होंने देर रात जहर खाकर आत्महत्या कर ली। प्रवीण मरावी की बहन ने अपने भाई की मौत का जिम्मेदार छिंदवाड़ा कलेक्टर डॉक्टर श्रीनिवास शर्मा को बताया।
बहन कहा कि कलेक्टर ने प्रवीण मरावी पर उनके विभाग में फर्जी नियुक्ति कराने का दबाव बनाया था। जब प्रवीण ने गलत काम करने से मना कर दिया तो उन्हें काम में लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया। इससे परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या की है।
इस मामले की जानकारी मिलते ही जिला भाजपा अध्यक्ष विवेक साहू अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और कलेक्टर श्रीनिवास शर्मा को हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री की विधानसभा में भ्रष्टाचार का यह आलम है तो प्रदेश के क्या हाल होंगे।
वहीं इस मामले में पुलिस ने मर्ग कायम किया है। एडिशनल एसपी ने कहा है कि प्रथम दृष्टया मृतक अधिकारी ने विषपान का सेवन किया ऐसी जानकारी है। आगे जांच करके जो भी कार्रवाई होगी की जाएगी।
