नरसिंहपुर। प्रदेश के किसान और अनुसंधानकर्ता चंद्रशेखर तिवारी पिछले कई वर्षों से खेती में नवाचार और खेती को उन्नत बनाने की तकनीकों पर काम कर रहे है। खासकर गन्ने की खेती पर उनके अनुसंधान को पूरे देश में सराहा जाता है। कृषि में उनके योगदान को देखते हुए चंद्रशेखर तिवारी का चयन कृषि कर्मण अवार्ड के लिए किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं 2 जनवरी 2020 को चंद्रशेखर तिवारी को सम्मानित करेंगे। चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि यह उनके लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड की तरह है।
बता दे कि नरसिंहपुर के प्रगतिशील और सतत कृषि के क्षेत्र में नवाचार करने वाले चंद्रशेखर तिवारी ने 40 साल तक नरसिंहपुर के पीजी कॉलेज में पॉलिटिकल साइंस के प्रोफेसर की तौर पर सेवाएं दी हैं। इसके बाद 2002 से वह नरसिंहपुर के छोटे से गांव मुगली में लगातार खेती में नवाचार और खेती को उन्नत बनाने की तकनीकों पर काम करते रहे है।
चंद्रशेखर तिवारी को खासकर गन्ने की खेती पर अनुसंधान के कारण कोयंबटूर, लखनऊ, शाहजहांपुर और पुणे में सम्मानित किया जा चुका है। चंद्रशेखर तिवारी को देश में गन्ने पर होने वाले अनुसंधान आधारित संगोष्ठियों में प्रवक्ता के रूप में बुलाया जाता है ताकि वह अपने विचार रख कर गन्ने की तकनीक और उससे जुड़ी परेशानियों को साझा कर सकें।
वहीँ युवाओं के पलायन को लेकर अनुसंधानकर्ता चंद्रशेखर तिवारी ने कहा है कि युवाओं में निराशा, धैर्य की कमी और केंद्र सरकारों द्वारा किसानों की अनदेखी के चलते युवाओ का खेती से मोहभंग हो रहा है।
