सतना। सोमवार देर रात को मारकुंडी रेंज अंतर्गत रेलवे के 7 नंबर पुल के पास तेंदुए का शव मिला है। ट्रेन की चपेट में आने से तेंदुए का सिर धड़ से अलग हो गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और तेंदुए के शव को मारकुंडी वन रेंज लाकर शाम को पोस्टमार्टम किया गया।
दरअसल मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग के सतना-मानिकपुर रेलखंड में मारकुंडी से टिकरिया के रेलवे स्टेशन के बीच सात नम्बर पुलिया के पास एक तेंदुआ ट्रेन की चपेट में आ गया। इससे तेंदुए की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी मिलते ही आरपीएफ व वनविभाग के महकमे में खलबली मच गई। सूचना मिलने पर मझगवां आरपीएफ पोस्ट प्रभारी हरफूल सिंह भदाला के अलावा मानिकपुर प्रभागीय वनाधिकारी कैलाश प्रकाश ने मौके मुआयना किया।
जिस ट्रैक पर तेंदुआ कटा है उसके दूसरे किनारे में एक नाला है। नाले में पानी भरा हुआ है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि तेंदुआ नाले में पानी पीने आया होगा। इसी दौरान ट्रेन आने से उसकी मौत हो गई। बता दे कि तीन साल पहले भी मझगवा रेंज में ट्रेन की चपेट में आने से युवा बाघ की मौत हो चुकी है। इसके बाद तत्कालीन वन मंडलाधिकारी आरबी शर्मा ने कर्मचारियों को रेल ट्रैक के किनारे फेसिंग कराने और जंगल के अंदर से गुजरने वाली हर ट्रेन की स्पीड कम रखने के लिए पत्र लिखा था। लेकिन तीन साल बाद भी दोनों आदेशों पर अमल हो नहीं हो पाया है। बीते दिनों इस ट्रैक के आसपास एक बाघिन और दो दो शावक देखे गए थे। हालाँकि गनीमत रही कि वह ट्रेन की चपेट में नहीं आए।
