भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार की नई आबकारी नीति को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। शुक्रवार को इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर शराब माफिया को नए साल में तोहफा देने का आरोप लगाया। इसके बाद कमलनाथ ने भी शिवराज को पत्र लिखकर भ्रम फ़ैलाने का आरोप लगाया।
कमलनाथ ने अपने पत्र में लिखा है कि यह कहना आधारहीन है कि नई आबकारी नीति में उप दुकान खोलने के प्रावधान से नई शराब की दुकानें खुल रही है। यह जनता के बीच में भ्रम फैलाने की घृणास्पद राजनीति है। नई नीति से प्रदेश में शराब की दुकानें नहीं बढ़ेंगी और साथ ही अवैध व्यापार करने वाले माफियाओं पर सख्ती से अंकुश लगेगा। नीति के अनुसार नई दुकानें नहीं खुलेंगी बल्कि मूल दुकान का लायसेंसी चाहे तो कुछ शर्तों के अधीन उप दुकान खोल सकता है। इससे आबकारी अपराधों पर नियंत्रण बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री ने इस दावे को भी झूठा बताया कि पूववर्ती सरकार के कार्यकाल में नई शराब की दुकानें नहीं खोली गई। मुख्यमंत्री ने पत्र में जानकारी दी कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के अंतिम वित्तीय वर्ष 2003-04 में देशी मदिरा की दुकानें प्रदेश में 2221 थी, जो भाजपा शासन काल में बढ़ते हुए वर्ष 2010-11 में 2770 हो गई। इसी प्रकार विदेशी मदिरा की दुकानें 2003-04 में 581 थी जो वर्ष 2010-11 में 916 हो गई। इससे स्पष्ट है 2003-04 में देशी/विदेशी मदिरा दुकानों की संख्या प्रदेश में 2792 थी, जो शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में बढ़कर 3683 हो गईं।
बता दे कि इससे पहले शिवराज ने कमलनाथ को पत्र लिखा था। उन्होंने पत्र में लिखा था कि इस फैसले से करीब 2000 से 2500 हजार शराब दुकानें खुल जाएंगी। यह नए साल में शराब माफिया को तोहफा है। इससे मध्य प्रदेश मदिरा प्रदेश बन जाएगा। अपने पत्र में शिवराज ने दावा किया था कि भाजपा सरकार ने एक भी नई दुकानें नहीं खोलीं।
पत्र के अलावा शिवराज सिंह चौहान ने भी टोल फ्री नंबर जारी किया है। शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश को शराब माफिया से बचाने के लिए इस नंबर पर मिस कॉल करने की अपील की है।
