उमरिया। खनिज माफियाओं के विरोध में उमरिया जिले के आदिवासियों ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में आकाशकोट अंचल के 25 गांव के आदिवासी शामिल हुए। आदिवासियों ने कलेक्टर के नाम सौंपे ज्ञापन में पत्थर की लीज और क्रेशर के नाम पर आदिवासियों की पुश्तैनी जमीन से बेदखली करने का आरोप लगाया। वहीँ प्रशासन ने दोषियों पर कार्यवाही करने की बात कही है।
आदिवासियों का आरोप है कि खनिज विभाग ने उनके कब्जे की जमीन को माफियाओं को पत्थर एवं क्रेशर के लिए लीज दे दी है। वहीँ माफिया अपने रसूख के दम पर आदिवासियों को उनकी जमीन से बेदखल कर रहे हैं। इसलिए उन्हें विरोध का रास्ता अख्तियार करना पड़ रहा है। माफियाओं के विरोध में 25 गांव के आदिवासियों ने रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया।
बता दें आकाशकोट अंचल में 25 गांव हैं जहां 20 हजार गोंड़ बैगा एवं अन्य आदिवासी सदियों से रहते हैं। जिला मुख्यालय से सुदूर पहाड़ियों एवं घनी झाड़ियों के बीच स्थित यह इलाका मनोहारी तो है ही साथ ही बहुमूल्य खनिज का प्रचुर भंडार भी यहां मौजूद है। लिहाजा खनिज माफिया यहां अपना वर्चस्व स्थापित कर खनिज के अवैध दोहन का मार्ग ढूंढ रहे हैं। हालांकि खनिज विभाग ने इलाके में लीज दिए जाने से अनभिज्ञता जाहिर की तो राजस्व विभाग ने दोषियों के ऊपर कार्यवाही की बात कही है।
उमरिया जिले में नदियों का सीना छलनी करने के बाद माफियाओं की नजर अब पहाड़ो में मौजूद खनिज की ओर है लेकिन वहां पर वर्षो से रह रहे आदिवासी माफियाओं के इरादे पर पानी फेरते दिखाई दे रहे हैं। देखना है माफियाओ के विरुद्ध आदिवासियों का संघर्ष क्या परिणाम सामने लाता है।
