May 18, 2026

जर्जर स्कूल भवन को छोड़ खुले आसमान तले लग रही पाठशाला

बड़वानी। प्रदेश में चल रही सर्द हवाओं ने जहाँ लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है। वहीँ दूसरी तरफ बड़वानी में स्कूली बच्चे खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर है। स्कूल के पास अपना भवन तो है, लेकिन वह जर्जर हो चुका है। इसलिए शिक्षक बच्चों को स्कूल भवन में पढ़ाने का जोखिम नहीं ले रहे हैं। वहीँ जिम्मेदारों का कहना है कि नए स्कूल भवन के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। मार्च तक भवन स्वीकृत होने की संभावना है।

यह हाल गृहमंत्री बाला बच्चन की विधानसभा के गांव पोखल्या खेड़ी के प्राथमिक विद्यालय का है। यहाँ से गृहमंत्री का गृह ग्राम मात्र पांच किलोमीटर की दूरी पर है। बावजूद इसके विद्यालय के 40 से ज्यादा छात्र-छात्राएं खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर है। स्कूल का भवन जर्जर हो चुका है। पिछले तीन सालों से स्कूल कभी आंगनवाड़ी भवन, कभी किराए के मकान तो कभी खुले आसमान के नीचे संचालित होता आ रहा है।

वर्तमान में चल रही सर्द हवाओं में भी बच्चे खुले आसमान के नीचे ही अपने भविष्य की नींव रख रहे हैं। खुले में पढ़ाई करने से कई बच्चे बीमार भी हो जाते हैं। ख़ास बात यह है कि अधिकारियों को भी मामले की पूरी जानकारी है, लेकिन तीन सालों से स्कूल को नया भवन नहीं मिल पाया है।

अधिकारियों का कहना है कि हमने प्रस्ताव बनाकर भेजा है। मार्च तक नए भवन की स्वीकृति मिल जाएगी। साथ ही वह यह भी कहते हैं कि जल्द किराए के मकान की व्यवस्था कर स्कूल को अन्य मकान में लगाया जाएगा।

Written by XT Correspondent

bettilt giriş bettilt giriş bettilt pin up pinco pinco giriş bahsegel giriş bahsegel paribahis paribahis giriş casinomhub giriş rokubet giriş slotbey giriş marsbahis giriş casino siteleri