नरसिंहपुर। नरसिंहपुर के बरमान मेले में मौत के कुँए में जिंदगी और मौत के बीच तेज रफ़्तार बाइक चलाती 40 साल की महिला चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग महिला की हिम्मत की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। यह महिला पिछले 12 सालों से इसी तरह मौत के कुँए में बाइक चलाती आ रही है।
दरअसल मौत के कुँए में जिंदगी से रेस लगाते हुए लड़कों को तो हम सब ने देखा है। लेकिन छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की रहने वाली ममता रोजाना मौत के कुएं में यूँ ही दर्शकों की तालियों के बीच जिंदगी का रियल शो दिखाती हैं। इस शो में कोई रीटेक नही होता। जरा सी गलती से जान भी जा सकती है। लेकिन ममता को तो जैसे इसकी कोई परवाह ही नहीं है। वह बेख़ौफ़ होकर मौत के कुँए में अपनी कला का प्रदर्शन करती है।
ममता ने करीब 12 साल पहले गाँव के पास मौत का कुआं देखा था। यहाँ खतरों से खेलते बाइकर्स को देख उसने भी यहीं करने की ठानी। तब से लेकर अब तक ममता हजारों शो कर चुकी है। अब तो यही मौत का कुआं उनकी दुनिया है। 40 साल की ममता के दो बच्चे भी है, बावजूद इसके वह खुद को तंदरुस्त रखने के साथ मौत के कुएं में दर्शकों का मनोरंजन करती है। कुएं में ममता के साथ कार चलाने वाले वीरेन्द्र सिंह भी शौक में इस खेल में आ गए और इसी में रम गए।
भले ही लोग मौत के कुए में मनोरंजन के लिए आते है लेकिन ममता के साहस को सलाम करते नहीं थकते। एक महिला को मौत के कुए में कलाबाजी करता देख लोग भी आश्चर्य से भर जाते हैं। बरमान मेले में लोग नर्मदा किनारे पूजा अर्चना के साथ इन मनोरंजन साधनों का लुत्फ भी जमकर ले रहे हैं।
