भोपाल। मात्र 10 साल के मासूम ने अपनी ब्रेन डेड माँ के सभी अंगों को दान करने का फैसला किया है। मासूम ने कहा कि यदि मेरी माँ के अंगों से किसी को नया जीवन मिलता है तो इसमें मेरी सहमति है। मासूम के इस फैसले का पूरा परिवार भीगी आंखों से समर्थन कर रहा है। आज मृतक महिला के सभी अंगों को निकालकर अलग-अलग लोगों में ट्रांसप्लांट किया जाएगा। इसके बाद शाम के समय महिला का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
दरअसल भोपाल के जाने-माने वकील जगदीश छवानी के छोटे भाई भीष्म छवानी की पत्नी दिशा का 23 जनवरी को एक्सीडेंट हो गया था। तभी से दिशा का उनका हमीदिया अस्पताल में इलाज चल रहा था। डॉक्टरों ने दिशा को वेंटिलेटर के ज़रिए बचाने की कोशिश की। शनिवार को सुबह डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि दिशा का ब्रेन डेथ हो चुका है और उनके बचने की कोई उम्मीद नहीं है। इस पर पूरा परिवार अस्पताल पहुंचा। इस दौरान दिशा के 10 साल के बेटे मयंक ने अपनी माँ के अंगों को दान करने का फैसला लिया। मयंक ने कहा कि मेरी माँ के अंगों से किसी को नया जीवन मिलता है तो इसमें मेरी सहमति है। अब मुझे मेरी माँ अनेक जिंदगियों में दिखाई देगी।
मयंक के फैसले के बाद अब अस्पताल में दिशा के सभी अंगों को निकालकर अलग-अलग लोगों में ट्रांसप्लांट किया जाएगा। शाम को दिशा का अंतिम संस्कार भी होगा। बता दे कि मयंक के पिता भीष्म छवानी का सात साल पहले निधन हो चुका है। मयंक की मां दिशा छवानी एक बुटिक पर काम कर रही थीं।
