नरसिंहपुर। वेटर का काम करने वाले एक युवक ने ईमानदारी की नई मिसाल पेश की है। साधारण परिवार में जन्मे इस युवक को सोने का कीमती हार मिला लेकिन युवक ने ईमानदारी का परिचय देते हुए सोने का हार उसके असली मालिक तक पहुँचाया। हार मालिक युवक की ईमानदारी से काफी खुश है।
जहाँ आज चंद पैसों की खातिर भाई भाई का दुश्मन बन बैठता है। वहां सागर जिले के गढ़ाकोटा में रहने वाले नीलेश गौर ने अपनी ईमानदारी से समाज को प्रेरणादाई संदेश देने का काम किया है। दरअसल नरसिंहपुर के एक निजी मैरिज गार्डन में 17 जनवरी को शादी समारोह हुआ। इस समारोह में नीलेश वेटर का काम करने के लिए गया था। शादी समारोह में नीलेश को एक सोने का हार पड़ा मिला। नीलेश ने इस हार को रखकर सभी से पूछताछ की लेकिन उसे कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद वह गढ़ाकोटा चला गया।
गढ़ाकोटा से नीलेश ने नरसिंहपुर में अपनी ही पहचान के एक कैटरिंग व्यवसायी से पता किया कि 17 जनवरी को किस परिवार में शादी थी। पता चला कि उस दिन नरसिंहपुर के घनारे कॉलोनी स्थित नौ नंबर गली में रहने वाले देवकीनंदन मिश्रा के परिवार में शादी थी। इसके बाद नीलेश मिश्रा परिवार का पता लेकर उनके घर पहुंचा। घर वालों को बुलाकर उस हार की पहचान करवाई और पूरी तसल्ली हो जाने के बाद उन्हें सोने का हार सौंप दिया।
मिश्रा परिवार के घर में 17 तारीख को बेटे की शादी थी। शादी समारोह में आए रिश्तेदार का हार शादी समारोह में गुम गया था। काफी तलाश करने के बाद भी जब हार नहीं मिला तो वह उम्मीद ही छोड़ चुके थे। करीब 12 दिन बाद अचानक हार मिलने से परिवार की ख़ुशी का ठिकाना ही नहीं रहा। पूरा परिवार नीलेश की ईमानदारी पर बेहद खुश है। उन्होंने नीलेश को श्रीफल देकर उसका सम्मान किया। मिश्रा परिवार नीलेश का शुक्रिया करते हुए नहीं थक रहा हैं।
वहीँ शादी समारोह में कैटरर्स का काम करने वाले नीलमणि के अनुसार आश्चर्य की बात है कि बेहद साधारण परिवार का नीलेश सागर से मजदूरी की तलाश में नरसिंहपुर आया था। यहाँ उसने कैटरर्स में काम किया। जब उसे शादी समारोह में हार पड़ा मिला तो उसने लोगों से पूछताछ की। जब उसे कुछ पता नहीं चला तो उसने मुझसे संपर्क किया। मैंने पता किया कि 17 जनवरी को नीलेश द्वारा बताए हुए लान में किस परिवार की शादी थी। फिर उनका नंबर जुटाकर नीलेश के साथ उनके घर तक पहुंचे और हार को उसके असली मालिक तक पहुंचाया।
