नरसिंहपुर। इन दिनों मोहाली आईएसआर के पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम नरसिंहपुर में नर्मदा की तलहटी में आदिमकाल की जीव जंतु और प्राचीन सभ्यता के अवशेष को खोजने में जुटी हुई है। टीम ने नरसिंहपुर के देवाकछार, उमरिया, गवारी, समनापुर, महादेव पिपरिया सहित 28 ऐसे स्थानों का चयन किया है जहाँ अनुसंधान की आवश्यकता है।
वैज्ञानिकों की टीम का कहना है कि यहां हमें आदिम युग के औजार और अवशेष मिले हैं। यह करीब 12 हजार से 10 लाख हजार साल पुरानी सभ्यता का इतिहास बताते हैं। यह शोध की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। वैज्ञानिकों का कहना है कि किसी समय नर्मदा के किनारे दलदल हुआ करता था। यहाँ आस्ट्रीज, जिराफ, हिप्पो, गैंडा, मगरमच्छ पाए जाते थे जो पर्यावरण को संतुलित किया करते थे। पर्यावरण में बदलाव और लगातार शिकार के कारण यह जानवर धीरे-धीरे विलुप्त हो गए। अब मिट्टी के नमूने और खुदाई के दौरान निकले इनके फोसिल से इनके इतिहास को समझा जा सकता है।
वैज्ञानिकों की टीम इसी अनुसंधान में जुटी हुई है कि पर्यावरण में होने वाले बदलाव के कारणों और विलुप्त हुए जीवजंतुओं के इतिहास पर शोध कर दुनिया के सामने लाया जा सकें। वहीं महादेव पिपरिया सहित कई जगह पर जीव-जंतु और आदिम युग की सभ्यता के शैलचित्र भी टीम को मिले है जो अध्ययन और संरक्षण के आभाव में विलुप्ति की कगार पर है। जिन्हे सहेजे जाने की भी आवश्यकता पर भी मोहाली के वैज्ञानिकों की टीम ने जोर दिया है।
