छतरपुर। छतरपुर में एक नाबालिग बच्चा अपने ही माता-पिता की शादी का गवाह बना। गाजे-बाजे के साथ धूम-धाम से हुई इस शादी में परिजनों, रिश्तेदारों के साथ पूरा गाँव शामिल हुआ। लेकिन ख़ास बात यह है कि दूल्हा-दुल्हन का नाबालिग बच्चा अपने ही माता-पिता की शादी का साक्षी बना।
यह अनोखी शादी हुई छतरपुर जिले के नौगांव में। गाँव के रहने वाले पप्पू अहिरवार के बेटे करन की शादी नेहा नाम की लड़की से हुई। शादी में पूरे नगर के परिचितों को भोज दिया गया। पूरे गाँव में बिंदोली निकाली गई। इस दौरान परिजनों ने जमकर डांस किया। लेकिन इस शादी का मुख्य आकर्षण रहा करन और नेहा का सात माह का बेटा शिवांश, जो अपने माता-पिता की शादी में शामिल हुआ। शादी के साथ ही शिवांश का चौक डस्टोन कार्यक्रम भी किया गया।
दरअसल नौगांव के रहने वाले पप्पू अहिरवार और मालती अहिरवार की दो बेटियां थी। लिहाजा 24 साल पहले पप्पू अहिरवार ने अपने भाई के बेटे करन को गोद लिया था। करन दिल्ली में रहता था। करीब छह साल पहले करन को अपने घर के सामने रहने वाली नेहा कश्यप से प्यार हो गया था। दोनों अलग-अलग जाति के होने की वजह से लड़की के परिजन शादी के लिए राजी नही हुए। ऐसे में दोनों ने दो साल पहले 17 फरवरी 2018 को घर से भागकर शादी कर ली। दोनों ने दिल्ली के आर्य समाज मंदिर से अंतरजातीय विवाह किया था।
22 जून 2019 नेहा ने बेटे शिवांश को जन्म दिया। अब शिवांश 7 महीने का हो गया है। पप्पू अहिरवार और मालती अपने बेटे करन का विवाह धूमधाम से करना चाहते थे। इसके अलावा उन्होंने अपने पौते शिवांश का चौक डस्टोन भी करना था। इसलिए उन्होंने धूम-धाम से करन और नेहा की शादी और शिवांश का चौक डस्टोन करने का निर्णय लिया। इसके बाद अहिरवार दम्पत्ति ने धूमधाम से नाच-गाने के साथ समाज व रिश्तेदारों को बुलाकर करन और नेहा की शादी करवाई और शिवांश का चौक डस्टोन कार्यक्रम भी किया।
