विदिशा। जहाँ थोड़ी सी जमीन के लिए भी रिश्तेदार एक दूसरे के खून के प्यासे हो जाते हैं। वहीँ एक किसान ने गाँव के बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए अपनी 17 बीघा जमीन दान कर दी। ख़ास बात यह है कि किसान खुद आठवीं पास है।
विदिशा जिले की नटेरन तहसील स्थित सेऊ गाँव के रहने वाले किसान कमल सिंह धाकड़ ने समाज में सामने अनोखी मिसाल पेश की है। साल 2010 में कमल सिंह धाकड़ सेऊ गाँव के सरपंच थे। उस समय नटेरन में केन्द्रीय योजना के तहत मॉडल स्कूल बनना तय हुआ। लेकिन नटेरन में स्कूल बनाने के लिए शासकीय जमीन उपलब्ध नहीं थी। ऐसे में स्कूल दूसरे क्षेत्र में शिफ्ट करने पर विचार किया जाने लगा।
जब कमल सिंह धाकड़ को इस बारे में पता चला तो उन्होंने नटेरन से लगी अपनी पांच बीघा जमीन दान करने की पेशकश की। कमल सिंह धाकड़ की पेशकश को प्रशासन ने भी स्वीकार कर लिया और उस जमीन पर बने मॉडल स्कूल में करीब 400 बच्चे पढ़ रहे हैं।
इसी तरह तीन साल पहले भी नटेरन में शासकीय कॉलेज बनाने के लिए प्रशासन को जमीन नहीं मिल रही थी। ऐसे में प्रशासन ने कमल सिंह धाकड़ से जमीन दान करने की अपील की। इस पर कमल सिंह धाकड़ से अपनी 12 बीघा जमीन कॉलेज बनाने के लिए दान कर दी। इस पर कॉलेज भवन बनकर तैयार हो चुका है।
इसके अलावा कमल सिंह धाकड़ मार्केटिंग सोसायटी के लिए एक बीघा और कोर्ट भवन के लिए पांच बीघा जमीन दान कर चुके हैं। वह अब तक कुल 23 बीघा जमीन दान कर चुके हैं। इसका बाजार मूल्य डेढ़ करोड़ रुपए से ज्यादा है।
कमल सिंह धाकड़ बताते है कि पारिवारिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण वह आठवीं कक्षा से आगे पढ़ नहीं पाए। उन्होंने खेती के जमकर मेहनत की और जमीन खरीदी। आज पांच भाइयों के संयुक्त परिवार के पास करीब 300 बीघा जमीन है। बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले इसलिए मैंने जमीन दान की। मेरे पिताजी और भाइयों ने भी इस काम में मेरा पूरा साथ दिया।
