झाबुआ। धरती का जल स्तर बढ़ाने के लिए शिवगंगा साल 2010 से हर साल हलमा यानी सामूहिक श्रमदान का आयोजन करती आ रही है। इस वर्ष भी एक मार्च को साढ़े तीन सौ गांवों के 20 हजार कार्यकर्ता हाथीपावा पहाड़ी पर 40 हजार जल संरचनाएं बनाएंगे। शिवगंगा के कार्यकर्ताओं ने झाबुआ में पत्रकार वार्ता में हलमा को लेकर विस्तार से जानकारी दी।
शिवगंगा के कार्यकर्ताओं ने बताया कि 29 फरवरी को कार्यकर्ता शहर से सटे दशहरा मैदान पर एकत्रित होंगे। इसके बाद शाम चार बजे कार्यकर्ताओं की गैती सम्मान यात्रा शहर भर में निकाली जाएगी। इसके बाद सभी कार्यकर्ता 1 मार्च की सुबह हाथीपावा की पहाड़ी पर पहुंचेंगे और करीब 40 हजार जल संरचनाएं बनाएंगे।
शिवगंगा के महेश शर्मा ने बताया कि आज सम्पूर्ण विश्व ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से जूझ रहा है। झाबुआ की जनजातीय समाज की हलमा परंपरा इस समस्या का समाधान है। जल संरचनाओं में वृक्ष लगाए जाएँगे। ये काम भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व को चौंकाने का काम करेगा। प्रदूषण को रोकना हम सबकी जिम्मेदारी है।
बता दे कि शिवगंगा ने साल 2010 में हलमा कार्यक्रम करने की शुरुआत की थी। तब से अब तक दस बार इस कार्यक्रम का आयोजन हो चुका है। इस दौरान छह बार हाथीपावा की पहाड़ियों पर और चार बार झाबुआ और आलीराजपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शिवजी का हलमा आयोजित किया जा चुका है। हलमा कार्यक्रम के दौरान अब तक 1 लाख से अधिक कार्यकर्ताओं ने 1 लाख 11 हजार जल संरचनाएं बनाई है। यह जल संरचनाएं दो मीटर लंबी, ढाई मीटर गहरी तथा ढाई मीटर चौड़ी होती है। इन संरचनाओं में से 350-400 लीटर बारिश का पानी सहेजा जा सकता है। इससे धरती का जल स्तर बढ़ जाता हैं।
