धार। गुरुवार को कमिश्नर आकाश त्रिपाठी और धार कलेक्टर श्रीकांत बनोठ दूधेश्वर पहाड़ी पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने दूधेश्वर पहाड़ी को हरा भरा बनाने के प्रयासों की सराहना की। कमिश्नर और कलेक्टर ने यहाँ किए गए और किए जा रहे कार्यों का अवलोकन भी किया।
दरअसल हर साल धार जिले के टावलिया सहित आसपास के चार ग्राम पंचायतों में रहने वाला पानी का संकट इस साल नहीं होगा। ख़ास बात यह है गर्मी में तापमान में भी कमी आएगी। यह सब मुमकिन हो पाया है जिला पंचायत द्वारा टावलिया की दूधेश्वर पहाड़ी को हरा भरा बनाने के प्रयासों की बदौलत। जिला पंचायत के इन्ही प्रयासों का अवलोकन करने के लिए कमिश्नर आकाश त्रिपाठी और कलेक्टर श्रीकांत बनोठ गुरुवार को दूधेश्वर पहाड़ी पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जिला पंचायत के प्रयासों की सराहना की।
जिला पंचायत के सीईओ संतोष कुमार वर्मा ने बताया कि पिछले साल जून का महीने में भ्रमण के दौरान देखा कि दूधेश्वर पहाड़ी पूरी तरह बंजर है। पहाड़ी पर पेड़ तो दूर छोटी झाड़ियाँ भी नहीं है। ऐसे में पिछली बारिश के दौरान ही बंजर पहाड़ी को हरा-भरा करने का कार्य शुरू किया गया। रणनीति बनाकर वाटरशेड मिशन की तर्ज पर मृदा संरक्षण जल संरक्षण जिसके तहत गली प्लग कंटूरट्रेच बोल्र्डर वॉल का निर्माण और वृक्षारोपण कार्य किया गया।
यह कार्य मनरेगा के माध्यम से किया गया। इससे क्षेत्र के लोगों को 10 हजार दिन का कार्य मिला और साथ ही उपयोगी संरचना भी तैयार हो गई। वृक्षों को पानी देने के लिए 10 रेंनगन लगाई गई हैं। पानी की लिफ्टिंग नर्मदा की लहरों से की जा रही है। चारों ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने विशेष रुचि लेकर इस कार्य को अंजाम दिया है। यहां पर फिलहाल 22 हजार पौधे है जो कि छायादार, फलदार हैं। भविष्य में एक लाख वृक्षारोपण की योजना है।
