बड़वानी। बड़वानी जिले में रहने वाली एक महिला पिछले 9 सालों से ना सिर्फ सेनेटरी पैड के लिए महिलाओं को जागरूक कर रही है बल्कि कई महिलाओं को सेनेटरी पैड बनाने की ट्रेनिंग देकर उन्हें आत्मनिर्भर बना रही है। महिला के इस प्रयास से उनके और उन जैसी कई महिलाओं की तस्वीर और तकदीर बदल चुकी है।
बड़वानी जिले के सेंधवा में रहने वाली वंदना मेटकर की कहानी देश की करोड़ो महिलाओं के लिए एक मिसाल है। वंदना मेटकर पहले एक वंदना हाउस वाइफ थी। वह अपने पति की सिलाई के काम में मदद करती थी। करीब 9 साल पहले वंदना को प्रियांशी एजुकेशन सोसायटी द्वारा मोटिवेशन कर पैड बनाने की सिलाई सिखाई गई। इसके बाद वंदना ने दूसरी महिलाओं को भी पैड बनाने की ट्रेनिंग देकर आत्मनिर्भर बनाने का निर्णय लिया।
वंदना के दृढ़ संकल्प और कुछ कर गुजरने की इच्छा शक्ति का उनके परिवार ने भी भरपूर सहयोग किया। आज वंदना कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है और कई महिलाओं को आत्मनिर्भर बना चुकी है। वंदना अब तक मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम, राजस्थान सहित कई प्रदेशों की महिलाओं को पैड बनाने की ट्रेनिंग दे चुकी है।
वंदना कहती है कि पहले उसके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, लेकिन जब से वह इस क्षेत्र में काम करने लगी है। तब से परिवार की आर्थिक स्थिति भी काफी हद तक सुधर गई है। वंदना महिलाओं को संदेश देते हुए कहती है कि महिलाएं घर परिवार चूल्हे चक्की के साथ-साथ आत्मनिर्भर भी बने और स्वरोजगार से जुड़ अपना नाम करें।
