भोपाल। बेंगलुरु में ठहरे हुए कांग्रेस के बागी विधायकों ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस की। इस दौरान सभी कांग्रेस विधायकों ने कहा कि हम यहाँ अपनी मर्जी से आए हैं। हमें किसी ने बंधक नहीं बनाया है। हम ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ है। इस दौरान विधायकों ने सवाल उठाया कि जब 6 विधायकों का इस्तीफा स्वीकार किया जा चुका है तो बाकि 16 विधायकों का क्यों नहीं किया?
इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने कमलनाथ सरकार की जमकर आलोचना की। पूर्व कैबिनेट मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने कहा कि मीडिया में जो कहा जा रहा कि हम लोग यहाँ बंधक है, ऐसा कुछ भी नहीं है। वहीँ मध्यप्रदेश आने के सवाल पर गोविन्द सिंह राजपूत ने कहा कि, “जब सिंधिया जैसे बड़े नेता पर हमला हो सकता है, तो हम लोग कैसे एमपी में सुरक्षित रह सकते हैं, इसलिए हम विधायक यहाँ बैंगलोर में हैं।”
वहीँ कमलनाथ सरकार में मंत्री रही इमरती देवी ने कहा कि, मुख्यमंत्री कमलनाथ को अपने मंत्रियों से मिलने का ही समय नहीं है, छिंदवाड़ा में 13 हजार करोड़ का काम हुआ, लेकिन मेरे क्षेत्र में एक रुपए का काम भी नहीं हुआ है। हम मुख्यमंत्री के व्यवहार से काफी दुखी है।
कमलनाथ सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे तुलसी सिलावट ने कहा कि, मध्यप्रदेश की सरकार बनाने में सभी की हिस्सेदारी थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने वचनपत्र के वादों को पूरा करने के लिए सड़क पर उतरने की बात कहीं तो कमलनाथ ने कहा कि सड़क पर उतर जाओ। सरकार में मंत्रियों की सुनवाई नहीं हो रही थी। सभी लोग अपनी इच्छा से बेंगलुरु आए हैं। सरकार के पास हमारे लिए समय नहीं है।
इस दौरान सिंधिया समर्थक विधायकों ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हम राहुल गाँधी से भी मिले, लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं सुनी। वहीँ बीजेपी में जाने के सवाल पर सभी विधायकों ने कहा कि इस पर जल्द ही मिलकर फैसला करेंगे। हम उपचुनाव के लिए तैयार हैं।
