इंदौर। पिछले दिनों डॉक्टरों पर पथराव को लेकर पूरे देश में चर्चा का विषय बने इंदौर में अब हिन्दू-मुस्लिम एकता की नई मिसाल देखने को मिली। शहर के साउथ तोड़ा इलाके में मुस्लिम युवाओं ने ना सिर्फ हिंदू महिला की अर्थी को कंधा दिया बल्कि उसकी अंत्येष्टि का खर्च भी उठाया।
दरअसल इंदौर के साउथ तोड़ा के जूना गणेश मंदिर के पास रहने वाली दुर्गा नाम की महिला लकवे का शिकार हो गई थीं। वह अपने बड़े बेटे के साथ रहती थी। बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली दुर्गा की रात को मृत्यु हो गई थी। परिवार के पास अंतिम संस्कार के भी पैसे नहीं थे। साथ ही देश में चल रहे लॉकडाउन के कारण रिश्तेदार आ नहीं पाए। वहीँ कोरोना के डर से बस्ती के लोग भी अंतिम यात्रा में शामिल होने से हिचक रहे थे।
ऐसे में बस्ती के मुस्लिम युवकों असलम, अकील, सिराज, इब्राहिम और आरिफ को यह बात पता चली तो वह महिला का अंतिम संस्कार करने के लिए आगे आए। मुस्लिम युवाओं ने मुखाग्नि की लकड़ियां परिजनों को दिलवाईं। इसके अलावा उनकी आर्थिक तौर पर मदद भी की। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए महिला की अर्थी को कंधा दिया।
असलम ने कहा कि शवयात्रा में शामिल होकर हमने कोई बड़ा काम नहीं किया। यह हमारा फर्ज था। जब हम बच्चे थे तो उनकी गोद में खेला करते थे। वे हमारे लिए मां जैसी ही थीं। उस परिवार को जो भी मदद लेगी, हम उसे देने के लिए तैयार रहेंगे।
