शिवपुरी। लॉकडाउन के कारण बंदर भूखे ना मर जाए, इसलिए शिवपुरी में कुछ समाजसेवी बंदरों को फल व अन्य सामग्री देकर उनकी मदद कर रहे हैं। साथ ही यहां एक पानी की टंकी को भी भरवाया गया है ताकि इन वन्य जीवों को पर्याप्त पानी मिल सके।
दरअसल शिवपुरी-झांसी मार्ग पर फोरलेन व अमोल व बांकड़े हनुमान मंदिर पर हजारों बंदर रहते हैं। इलाके में वन उपज कम होने के कारण यह बंदर लोगों द्वारा बांटे जाने वाले फल व अन्य सामान पर निर्भर हैं। लॉकडाउन के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना बंद हो गया है। ऐसे में इन बंदरों के सामने खाने का संकट उत्पन्न हो गया है।
इसको देखते हुए ग्रामीण बैंक समाज सेवा समिति और अन्य समाजसेवी लोग आगे आकर अमोला घाटी व बांकड़े हनुमान मंदिर पहुंचकर हजारों बंदरों को फल व अन्य सामग्री बाँट रहे हैं।
ग्रामीण बैंक समाज सेवा समिति के एसकेएस चौहान व नीरज अग्रवाल ने बताया कि यहां पर हजारों ऐसे बंदर हैं जो जंगल में वन सामग्री कम होने के बाद इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों द्वारा बांटने वाली सामग्री पर ही निर्भर हैं। अभी लॉक डाउन के दौरान इस मार्ग से आवाजाही कम है और लोग नहीं आ रहे हैं, इसलिए लॉक डाउन के दौरान ग्रामीण बैंक समाज सेवा समिति यहां पर बंदरों के लिए फल व पानी की व्यवस्था कर रही है।
ग्रामीण बैंक समाज सेवा समिति व अन्य समाजसेवी एसकेएस चौहान, नीरज अग्रवाल, सुमत कोचेटा, अशोक कोचेटा, डॉ अजय खेमरिया कपिल गुप्ता, आशुतोष अवस्थी, हरी शंकर कोरी, राकेश जैन का कहना है कि कोरोना वायरस के फैलाव के बीच लॉक डाउन में जनता के मदद के लिए तो कई लोग सामने आ रहे हैं, लेकिन इन वन्यजीवों की मदद के लिए हमारी समिति ने पहल की। इनका कहना है कि इसके अलावा लॉक डाउन में वह जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों के अटेंडरों को भी रोज भोजन के पैकेट नि:शुल्क बांट रहे हैं।
