उज्जैन। 21 जून को साल का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण लगने वाला है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के दिन लगने वाले सूर्य ग्रहण पर अनूठा संयोग बनने वाला है। इस दिन सूर्य ग्रहण के बीच सूर्य की किरणे पृथ्वी लंबवत रहेगी, जिससे कुछ समय के लिए परछाई गायब हो जाएगी।
बता दे कि 21 जून को सुबह 10:11 बजे सूर्य ग्रहण का स्पर्श होगा। वहीं दोपहर में 12:58 बजे ग्रहण के मध्य में सूर्य की किरणे पृथ्वी लंबवत होगी। इससे कुछ समय के लिए परछाई साथ छोड़ देगी। ऐसा 57 साल बाद हो रहा है। इससे पहले 21 जून 1963 को ऐसी स्थिति बनी थी।
इस अनोखी खगोलीय घटना को वेधशाला में शंकु यंत्र की सहायता से आसानी से देखा जा सकता है। हालांकि इस बार कोरोना संक्रमण को देखते हुए वेधशाला से यह नजारा दिखाई जाएगा या नहीं, इस पर सयंश बना हुआ है।
वहीं ज्योतिषों का कहना है कि यह ऐसा सूर्य ग्रहण है जिससे सभी को डरना चाहिए। क्यों कि 21 जून को कंकण सूर्य ग्रहण लगेगा जिसे चूड़ामणि सूर्य ग्रहण भी कहा जाता है। व्यक्तिगत तौर पर देखें तो यह सूर्य ग्रहण मृगशिरा नक्षत्र और मिथुन राशि में घटित होगा। मिथुन राशि के साथ-साथ कर्क, वृश्चिक और मीन राशि वालों के लिए भी परेशानी वाला रह सकता है।
