भोपाल। बोहरा समाज का एक शख्स पॉलीथिन के खिलाफ एक बड़ी जंग अकेले ही अपने बूते लड़ने निकल पड़ा है। यह व्यक्ति मंदिरों के बाहर खड़े होकर लोगों से आग्रह करता है कि वे अपने साथ पॉलीथिन न ले जाएँ। यहाँ तक कि उन्होंने अपने कपड़ों तक पर इस आशय का संदेश लिखवा लिया है।
पूरे देश के साथ भोपाल में भी लोग जब मंदिरों में जाते हैं तो उनके हाथ में फूल, माला, प्रसाद होता हैं. यह सारी चीजें लोग थैलों मे भरकर लाते हैं लेकिन यह थैले अधिकतर पालीथीन के हैं।
ऐसे में अगर भोपाल के ही सैफुद्दीन फैज इन मंदिरों के सामने खड़े होकर लोगों को समझा रहे हैं कि कृपया मंदिर में पालीथीन लेकर मत आइए तो इससे बेहतर और क्या हो सकता है। जब इनसे इस बारे में पूछा तो उन्होंने बड़े सहज अंदाज़ में कहा कि मैं कुछ महान नहीं, बल्कि बहुत जरूरी काम कर रहा हूँ। यह हमारे पर्यावरण के साथ जीवन के लिए भी बहुत ज़रूरी है। इस माहौल में जहाँ इतना जहर बो दिया है। ऐसे में कोई अलग मजहब का आदमी दूसरे मजहब के इबादतगाह में जाकर कुछ कह पाने की हिम्मत जुटा रहा है तो यह भी बड़ी बात है।
ज़्यादातर लोग उनके आग्रह को स्वीकार कर पॉलीथिन का त्याग कर रहे हैं। भोपाल के एक बैंक अधिकारी विनय अंजू कुमार ने इस एकल मुहिम की जमकर तारीफ की और कहा कि ऐसी बातें जागरूकता बढ़ाकर ही समाज से दूर की जा सकती है।
