नरसिंहपुर। आखिरकार आधार कार्ड बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर दिव्यांग आजाद का आधार कार्ड बन गया है। प्रशासन ने पेंशन के आवश्यक दस्तावेजों की आवश्यक खानापूर्ति भी कर दी है। अब अगले महीने से आजाद को पेंशन मिलना आरंभ शुरू हो जाएगी।
दरअसल नरसिंहपुर के रहने वाले आजाद के दोंनो हाथ-पैर नहीं है। आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण आजाद के पिता ईश्वर ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई। इस पर प्रशासन ने 150 रुपए प्रतिमाह की पेंशन शुरू कर दी। साल 2015 में आजाद की पेंशन अचानक से बंद हो गई। परिवार ने प्रशासन का दरवाजा खटखटाया तो पता चला कि योजनाओं के क्रियान्वयन में कुछ फेरबदल हुआ है। अब बिना आधार कार्ड के पेंशन नहीं मिलेगी।
जब आजाद पिता के कंधो पर सवार होकर आधार केन्द्र पहुंचा तो वहां बैठे कर्मियों ने कहा कि बिना उंगलियों के छापे के आधार कार्ड नहीं बन पाएगा। आजाद बीते चार सालों से सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहा था।
आख़िरकार प्रशासन की नींद टूटी और खुद अधिकारियों का दल उनके गांव पहुंचकर आंखो के कार्निया से आजाद का आधार कार्ड बनाया। आजाद को अगले माह से पेंशन मिलना आरंभ होगी।
जिले के एडीएम ने बताया कि खबर के बाद अधिकारियों ने उसके घर जाकर स्वेच्छा से उसे उपहार और मिठाई भी दी ताकि त्योहारों में यह और उसका परिवार भी खुशियां मना सकें।
