May 19, 2026

लॉकडाउन के चलते हनुमान जयंती पर सूना रहा अखिलेश्वर धाम, पुरोहित द्वारा अकेले किया मंदिर में पूजन

खरगोन। कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन ने श्रद्धालुओं को भगवान के मंदिरों से दूर कर दिया है। हाल यह है कि हनुमान जयंती पर भी प्राचीन तीर्थ क्षेत्र अखिलेश्वर धाम में सिर्फ पुजारी सुभाष पुरोहित द्वारा ही पूजन एवं आरती का कार्यक्रम किया गया। बता दे कि हर साल हनुमान जयंती पर अखिलेश्वर धाम में पांच दिवसीय यज्ञ हवन का आयोजन होता हैं। इस दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।

देवास जिले की आखरी सीमा से मात्र 2 किलोमीटर दूर, इंदौर जिला से 10 किलोमीटर दूर एवं खरगोन जिले के अंतिम छोर पर स्थित अखिलेश्वर धाम एक प्राचीन तीर्थ क्षेत्र है। यहां पर प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालु हनुमान जयंती पर्व पर आकर, यज्ञ एवं पूर्णाहुति महाआरती और भंडारे का लाभ लेते हैं। अखिलेश्वर धाम में संत ओंकार प्रसाद पुरोहित साल 1976 से निरंतर रामायण पाठ कर रहे हैं।

अखिलेश्वर धाम में स्थापित भगवान हनुमान की मूर्ती बहुत ही दुर्लभ और अनूठी है क्योंकि इनके एक हाथ में शिवलिंग है। प्रतिवर्ष वैकुंठ चतुर्दशी पर हरिहर मिलन एक पहाड़ी पर जहां शिव मंदिर है वहां जाकर किया जाता है। यह स्थान अति प्राचीन एवं धार्मिक स्थल है। यह स्थान राजा श्रियाल की राजधानी हुआ करता था।

इस स्थान का उल्लेख शिवलीला अमृत वाली की कथा के 12वें अध्यय में है। प्रत्येक रोहिणी नक्षत्र पर जो 27 दिनों में एक बार आती है, भगवान का चोलाआवरण और पूजन पाठ बड़ी धूमधाम के साथ किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण का ज्यादातर हिस्सा इसी क्षेत्र में रचा गया। वह स्थान जहां वाल्मीकि आश्रम हुआ करता था, अखिलेश्वर मठ से करीब 20 किलोमीटर दूर है।

Written by XT Correspondent

bettilt giriş bettilt giriş bettilt pin up pinco pinco giriş bahsegel giriş bahsegel paribahis paribahis giriş casinomhub giriş rokubet giriş slotbey giriş marsbahis giriş casino siteleri