उमरिया। कान्हा नेशनल पार्क और पेंच नेशनल पार्क की सफलता के बाद अब बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में भी बगीरा एप लांच करने का निर्णय लिया गया है। इस मोबाइल एप के लांच होने से जिप्सियों की गति सीमा एवं निर्धारित समय से ज्यादा रुकने ठहरने की आजादी खत्म हो जाएगी। हालाँकि गाइड एवं जिप्सी एसोसिएशन ने प्रबंधन के फैसले का विरोध किया है।
उमरिया जिले का विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का पर्यटन क्षेत्र जल्द ही बगीरा एप की निगरानी में होगा। बगीरा एप के कारण पर्यटन क्षेत्र में भ्रमण करने वाली जिप्सियों की गति सीमा और वन्य जीवों के दीदार के कारण एक ही स्थान पर निर्धारित सीमा से ज्यादा रुकने पर लगाम लगेगी। पार्क प्रबंधन बगीरा एप के माध्यम से इसकी मॉनिटरिंग कर सकेगा। फ़िलहाल पार्क प्रबंधन ने कार्ययोजना बनाकर चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन को प्रस्ताव भेजा है। उम्मीद की जा रही है कि इसे मार्च के पहले सप्ताह से इसे लागू किया जाएगा।
वहीँ दूसरी ओर टाइगर रिजर्व में कार्यरत जिप्सी एवं गाइड संघ ने इसका विरोध किया है। गाइड एसोसिएशन का कहना है कि कई बार वन्य जीव बीच मार्ग में आकर बैठ जाते हैं। इस कारण वाहनों को उनके जाने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में इस एप के आने से शर्त के उल्लंघन के लिए जिप्सी चालक और गाइड जिम्मेदार माने जाएंगे।
बता दें प्रदेश के कान्हा एवं पेंच नेशनल पार्क में इस एप को पहले से लागू किया जा चुका है। इसकी सफलता को देखते हुए टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने इसे बांधवगढ़ में लागू करने का निर्णय लिया है। बहरहाल पार्क प्रबंधन को पार्क के पर्यटन क्षेत्र में बागीरा एप को लांच करने में महज पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ की मंजूरी का इंतजार है। देखना होगा पार्क के पर्यटन क्षेत्र में वन्य जीवों के सारंक्षण में यह प्रयास कितना कारगर साबित होगा।
