उमरिया। करीब एक साल पहले वर्चस्व की लड़ाई में गंभीर रूप से घायल हुआ बाघ अब पूरी तरह से ठीक हो गया है। पिछले एक साल से बाँधवंगढ़ टाइगर रिजर्व के बहेराहा इनक्लोजर में कैद बाघ को फिर से जंगल में छोड़ने की तैयारी चल रही है। वन्य जीव चिकित्सा एवं पार्क प्रबंधन की टीम ने बाघ को वापस जंगल में छोड़ने की अनुमति दे दी है। अब चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन से हरी झंडी मिलने का इंतजार है।
दरअसल टाइगर रिजर्व के बहेराहा इनक्लोजर में कैद बाघ एक साल पहले धमोखर रेंज में दूसरे बाघ से वर्चस्व की लड़ाई में गंभीर रूप से घायल हो गया था। प्रबंधन को बाघ धमोखर गाँव के पास एक गड्डे में पड़ा हुआ मिला था। प्रबंधन ने योजनाबद्ध तरीके से घंटों मशक्कत के बाद बाघ का रेस्क्यू किया और उसे बहेराहा इनक्लोजर लेकर आए। बाघ के शरीर पर घाव के कई निशान थे।
इसके बाद प्रदेश के छह टाइगर रिजर्वों में मौजूद वन्य जीव चिकित्सको की टीम बाँधवंगढ़ टाइगर रिजर्व पहुंची और बाघ का ऑपरेशन किया गया। बाघ को करीब 46 टांके लगाने के बाद फिर से बाड़े में छोड़ दिया गया। लगभग एक साल तक बेहतर उपचार और देखरेख के बाद बाघ अब पूरी तरह से स्वस्थ हो चुका है।
बाघ को पार्क के ही पनपथा कोर में छोड़ने की तैयारी चल रही है। वन्य जीव चिकित्सको और पार्क प्रबंधन की टीम ने संयुक्त मुआयना कर बाघ को जंगल में छोड़ने की अनुमति दे दी है। पार्क प्रबंधन ने इस प्रस्ताव को चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन के पास भेजा है। वहां से हरी झंडी मिलते ही बाघ को पार्क के पनपथा कोर के सघन जंगलों में छोड़ा जाएगा।
