आगर मालवा। सावधान…अब मनचलों और छेडछाड़ करने वालों की खैर नहीं है। लड़कियों की चुप्पी का फायदा उठाकर उनके साथ हरकतें करने वालों के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने एक ऐसा नवाचार किया है जिससे साँप भी मर जाए और लाठी भी ना टूटे। प्रशासन ने लडकियों की गोपनिय शिकायतों के लिए शहर के कई मोर्चों पर ‘बेटी की पेटी’ लगाने का फैसला लिया है। मनचलों और छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ अब सीधे शिकायत लिख कर डाली जा सकेगी। पुलिस इन शिकायतों को गोपनिय रख कर आरोपियों को सबक सिखाएगी।
आगर मालवा में प्रशासन ने बेटियों की हिफाजत के लिए नवाचारी प्रयोग किया है। जिला प्रशासन ने लड़कियों के छात्रावासों, स्कूलों और जिले के सभी थानों में ‘बेटी की पेटी’ लगा दी है। इन पेटियों में कोई भी शोषित या पीड़ित बेटियां जो अपनी परेशानियां बताने में हिचकिचाती हैं, वे इन पेटियों में लिखकर अपनी शिकायत या सुझाव डाल सकेगीं। यह ताला बंद पेटियां विभाग के प्रमुखों की निगरानी में रहेगी।
कलेक्टर संजय कुमार की पहल पर बेटियों की सुरक्षा को लेकर यह नवाचार किया गया है। कलेक्टर के संजय कुमार के अनुसार कई बार लड़कियां डर के कारण अपने साथ हो रहे शोषण और परेशानियां किसी को भी बताने में हिचकिचाती है। हमारा उद्देश्य लड़कियों की सुरक्षा और उनमें आत्मविश्वास को जगाना है। जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा देर शाम मेसेज देकर सभी थानों में ‘बेटी की पेटियों’ को लगवाया गया है। इन पेटियों को थाने के वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में खोला जाकर उनकी परेशानियां दूर करने के प्रयास किये जाएंगे।
