भोपाल। कोरोना वायरस से लड़ने के लिए अस्पताल में बेड की कमी ना हो, इसलिए भोपाल रेल मंडल ने चलता-फिरता अस्पताल तैयार किया है। भोपाल रेल मंडल ने कोरोना वायरस को हारने के लिए ट्रेन के 74 कोच में 568 बेड तैयार किए हैं। इसका फायदा यह है कि जिस भी क्षेत्र में कोरोना के मरीज अधिक होंगे, इन डिब्बों को उन क्षेत्रों में ले जाया जा सकेगा।
यह काम भोपाल रेल मंडल के भोपाल कोचिंग डिपो और निशातपुरा रेलवे कोच पुनः निर्माण कारखाने ने किया है। इसके तहत ट्रेन के डिब्बों में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। इन्हें मोबाइल आइसोलेशन वार्ड नाम दिया गया है। इन्हें बनाने के लिए 15 साल पुराने कोच का उपयोग किया गया है। इन सभी बेडों को सोमवार को भोपाल कोचिंग डिपो में अंतिम रूप से तैयार कर दिया गया है।
भोपाल कोचिंग डिपो ने 24 कोच में प्रति कोच 7 बेड के हिसाब से 168 बेड तैयार किए हैं। वहीँ निशातपुरा रेलवे कोच पुनः निर्माण कारखाने ने 50 कोच में प्रति कोच 8 बेड के हिसाब से 400 बेड तैयार किए हैं।
मोबाइल आइसोलेशन में बदले गए सभी कोच को भोपाल कोचिंग डिपों में खड़ा कर सैनिटाइज कर दिया है। सभी बेड पर पर्दे लगाए गए हैं। कोच में दवाओं और डॉक्टरों के बैठने के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। इनके अलावा डस्टबिन, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और ऑक्सीजन सिलेंडर की भी व्यवस्था की गई हैं।
