बड़वानी। आमतौर पर शादी में लड़कों को घोड़ी पर बैठाकर बाना निकाला जाता है। लेकिन बड़वानी में एक शख्स ने अपनी बेटी को घोड़ी पर बैठाकर बाना निकाला। ऐसा समाज में यह सन्देश देने के लिए किया गया कि बेटा और बेटी में कोई फर्क नहीं होता है।
दरअसल बड़वानी के वार्ड 12 के निवासी विट्ठल गुरवा पेशे से ड्राइवर है। उनकी बेटी अश्विनी का विवाह इंदौर में तय हुआ है। आज शाम को इंदौर से बारात आएगी और कल अश्विनी की शादी होगी। शादी से पहले विट्ठल गुरवा ने अपनी बेटी को घोड़ी पर बिठा कर बाना निकाला।
अश्विनी के परिवार का कहना है कि हमारे समाज का यह पहला विवाह है जो बेटी को घोड़ी पर बैठा कर बाना निकाला। हम समाज को यही संदेश देना चाहते है कि बेटे और बेटी में कोई फर्क नही है। समाज बेटियों के साथ अन्याय ना करे उसे भी बेटे की तरह दर्जा मिलना चाहिए। गुरवा समाज के इस परिवार की प्रशंसा चारो और हो रही है।
