धार। बच्चा चोरी की अफवाह पर धार में तालिबानी भीड़ ने 5 किसानों और उनके ड्राइवर लाठी-पत्थरों से जमकर पीटा। इस घटना में एक किसान की मौत हो गई जबकि पांच लोग गंभीर घायल है। पुलिस ने इस मामले में 15 से 20 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने तीन आरोपी मजदूरों अवतार सिंह, भुवन सिंह, जाम सिंह की पहचान कर, उन्हें हिरासत में लिया है। इस घटना ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ जहाँ इसे मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना बता रहे हैं। वहीँ पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए इसे अत्यंत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया।
दरअसल धार जिले के मनावर में भीड़ ने 5 किसानों और उनके ड्राइवर को घेरकर लाठी-पत्थरों से जमकर पीटा। करीब डेढ़ घंटे तक 500 से अधिक लोग छह लोगों को बेरहमी से पिटते रहे। भीड़ उन्हें तब तक मारती रही जब तक वह बेसुध नहीं हो गए। जब भीड़ को लगा कि सभी लोग मर गए है तब जाकर भीड़ ने उन्हें मारना बंद किया। इस हादसे में ड्राइवर गणेश पटेल की मौत हो गई है जबकि जगदीश शर्मा, नरेंद्र शर्मा, विनोद मुकाती, रवि पटेल, जगदीश पूनमचंद शर्मा को घायल अवस्था में इंदौर लाया गया है। इनमे से रवि की हालत गंभीर है।
बता दे कि पीड़ित किसान उज्जैन जिले के लिंबी पिपलिया गांव के रहने वाले हैं। इन्होने अपने खेत में काम करने के लिए खड़किया के अवतार सिंह, राजेश, जामसिंह, सुनील व महेश को मजदूरी पर रखा हुआ था। इसके लिए 50-50 हजार रुपए एडवांस भी दिए थे। कुछ दिन मजदूरी के बाद ये लोग भाग गए। किसान मजदूरों से अपने पैसे वापस लेने के लिए गए थे। खड़किया गाँव पहुँचते ही ग्रामीणों ने इन पर हमला कर दिया। जैसे-तैसे किसान अपनी जान बचाकर वहां से भागे और मनावर के बोरलाय गांव पहुंचे। वहीँ खड़किया के ग्रामीणों ने बोरलाय गांव के ग्रामीणों को फ़ोन कर अफवाह फैला दी कि यह लोग बच्चा चोरी कर भाग रहे है। इस पर बोरलाय गांव के ग्रामीणों ने किसानों को देखते हुए उन पर लाठी और पत्थरों से हमला कर दिया। 500 से ज्यादा लोगों की भीड़ ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।
पुलिस ने इस मामले में धारा 307 (प्राणघातक हमला), 147 (बलवा), 435 (आगजनी) में केस दर्ज किया है। वहीँ तीन आरोपी अवतार सिंह, भुवन सिंह, जाम सिंह की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया है। फ़िलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। वहीँ इस घटना के वीडियो भी सामने आए हैं। वीडियो में ग्रामीण बर्बरता की पराकाष्ठा करते हुए पीड़ितों को मारते हुए नजर आ रहे हैं।
घटना को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि, “धार के मनावर में आपसी विवाद में घटित हुई घटना बेहद दुःखद। ऐसी घटनाएँ मानवता को शर्मसार करने वाली होकर बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। पूरे मामले की प्रशासन को जाँच के निर्देश। जाँच कर दोषियों पर सख़्त कदम उठाने के निर्देश।“
वहीँ इस घटना को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गर्म हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया कि, “यह अत्यंत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। कानून और व्यवस्था प्रदेश में पूर्णतः ध्वस्त हो चुकी है। कानून का डर बिल्कुल समाप्त हो गया है। जंगलराज इसे ही कहते हैं! इस पूरी घटना की गहन जाँच होना चाहिये और इसके पीछे जो ज़िम्मेदार अपराधी हैं, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होना चाहिये।“ नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि, “शांति का टापू कहा जाने वाला मध्यप्रदेश अब एक साल में भीड़ हिंसा का अड्डा बन गया है। ‘दलितों एवं आदिवासियों की हत्या हो रही है। कमलनाथ जी आप वक़्त है बदलाव का नारा देते है, वास्तव में मध्यप्रदेश बदल गया है। मध्यप्रदेश को कांग्रेस की नजर लग गयी।“
