उमरिया। शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए उमरिया जिले के कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी इन दिनों शिक्षकों, छात्रों के साथ अभिभावकों से भी सीधा संवाद कर रहे हैं। कलेक्टर छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं को भी क्रैक करने के उपाय बता रहे हैं। कलेक्टर ने कहा कि स्कूली छात्रों से संवाद का यह आयोजन गांव-गांव तक जाकर समुदाय के बीच चलाया जाएगा।
दरअसल उमरिया जिले में स्कूल तो है लेकिन उचित मार्गदर्शन के अभाव में यहां का रिजल्ट औसत से भी कम आता रहा है। ऐसे में कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए खुद मोर्चा संभाल लिया है। कलेक्टर ‘इम्तिहान का समाधान’ नामक कार्यक्रम के जरिए आगामी बोर्ड परीक्षा में शत प्रतिशत परिणाम लाने के लिए स्कूलों में छात्रों और उनके अभिभावकों से सीधा संवाद कर रहे हैं। इस दौरान कलेक्टर छात्रों को परीक्षा में अच्छे अंक लाने और बोर्ड परीक्षाओं के साथ साथ प्रतियोगी परीक्षाओं को भी क्रैक करने के छात्रों को उपाय बता रहे हैं।
‘इम्तिहान का समाधान’ कार्यक्रम के जरिए कलेक्टर छात्रों को परीक्षा के लिए उपयोगी चीजों के अलावा देश की एकता और अखंडता का पाठ भी पढ़ा रहे हैं। वह छात्रों के सवालों का जवाब भी दे रहे हैं। एक छात्र के सवाल का जवाब देते हुए अपने भारत दर्शन के अनुभव साझा करते हुए कलेक्टर ने भारत देश को विविधताओं वाला देश बताया। कलेक्टर ने कहा देश की खूबसूरती इसकी विविधता में है। कलेक्टर के अनुसार स्कूली छात्रों और अभिभावकों से संवाद का यह आयोजन गांव-गांव तक जाकर समुदाय के बीच चलाया जाएगा।
आदिवासी बाहुल्य उमरिया जिले में स्कूलें तो बहुत हैं, मगर शिक्षकों और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में यहां का रिजल्ट औसत से भी कम आता रहा है। कलेक्टर का प्रयास इसी स्तर में सुधार लाना है। देखना होगा कि स्कूलों में जाकर छात्रों को परीक्षा का सबक सिखाने का यह करतब कितना कारगर साबित होता है।
