छतरपुर। किसान की जान बचाने के लिए कुत्ता गुस्साए सांड से भीड़ गया। कुत्ते के हमले से सांड भाग खड़ा हुआ और किसान की जान बच गई। किसान ने कहा कि अगर कुत्ता न होता तो आज वह जिंदा नहीं होता। कुत्ते का वह जीवन भर ऋणी रहेगा और अब उसे अपने परिवार की तरह रखेगा।
‘कुत्ते इंसान से ज्यादा वफादार होते हैं’ यह कहावत हमें आए दिन सुनने को मिलती हैं। लेकिन हाल ही में इसका जीता जागता उदाहरण देखने को मिला। मामला छतरपुर जिले के ग्राम टुरया का है। यहाँ रहने वाले किसान दिनेश शर्मा अपने खेत में खड़ी फसलों की रखवाली कर रहे थे। इस दौरान एक सांड उनके खेत में घुस गया और फसल को नुकसान पहुँचाने लगा। अपनी फसल बर्बाद होता देख किसान सांड को भागने के लिए पहुंचा। इसी दौरान सांड ने किसान पर ही हमला कर दिया। सांड ने कई बार अपने सींगो से किसान को उठाकर पटखनी लगा दीं। इसके बाद उसे अपने पैरों से कुचलने लगा।
इसी बीच कुत्ता वहां आ गया और भौंकते हुए सांड पर हमला कर दिया। इसे सांड किसान को छोड़ कुत्ते से लड़ाई करने में उलझ गया। इधर किसान ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई। वहीँ कुत्ते के हमले से सांड भी भाग खड़ा हुआ। इस घटना में किसान को गंभीर चोंट आई है। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसके चेहरे पर 32 टांके आए हैं। उसके हाथ, पैर, कमर में चोटें हैं। शरीर भी कई जगह से फ्रैक्चर हो गया है।
किसान का कहना है कि अगर कुत्ता न होता तो सांड उसकी जान ले लेता। कुत्ते का वह जीवन भर ऋणी रहेगा और अब उसे अपने परिवार की तरह रखेगा। मामला चाहे जी भी हो पर इतना तो तय है कि कुत्ते इंसान से ज़्यादा वफादार होते हैं और इसका प्रमाण भी हमें ज़ब-तब देखने को मिलते रहते हैं।
