बड़वानी। किसानों की कर्ज माफ़ी का वादा कर सत्ता में आई कांग्रेस सरकार का एक वर्ष पूरा होने पर भी किसानों का कर्ज माफ़ नहीं हुआ है। किसान कर्ज माफी के चक्कर में अब परेशान हो रहा है। हालत यह है कि किसान को अपनी बेचीं हुई फसल का पैसा भी नहीं मिल पा रहा है।
दरअसल प्रदेश के गृहमंत्री के गृहक्षेत्र राजपुर में रहने वाले किसान गजानन्द ने महेश जिनिंग में कपास बेचा था। जिनिंग ने कपास के दाम के रूप में किसान का खाते में 85 हजार रुपए जमा करवाए थे। जब गजानन्द पैसे निकलवाने के लिए बैंक पहुंचा तो बैंक मैनेजर ने उसे पैसा देने से मना कर दिया।
मैनेजर ने गजानन्द को करीब दो लाख 50 हजार रुपए का डिफाल्टर बताते हुए उसे पैसा देने से मना कर दिया। मैनेजर ने साफ कहा कि उसके पास किसान का कर्ज माफ़ करने का कोई आदेश नहीं आया है। इसलिए किसान को राशी न देते हुए इन पैसो को उसके ऋण खाते में जमा किया जाएगा।
अब मामला सामने के बाद भाजपा इसे सरकार की विफलता बता रही है वहीँ कांग्रेस इसे भाजपा का झूठ बता रही है। राजनीतिक दल जहाँ मामले में राजनीति कर रहे हैं वहीँ गरीब किसान परेशान होकर कमलनाथ सरकार का वचन पत्र और ऋण माफी फार्म की रसीद के साथ भटक रहा है।
