भोपाल। सरदार सरोवर बांध के बेक वाटर से प्रभावित लोग अपनी मांगों को लेकर भोपाल में प्रदर्शन कर रहे हैं। नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर की अगुवाई में प्रभावित अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे है। धरना प्रदर्शन नर्मदा भवन के सामने किया जा रहा है। मेधा पाटकर ने कहा है कि, ‘हम चाहते हैं कि सरदार सरोवर बांध से मध्य प्रदेश में प्रभावित हुए लोगों को मध्य प्रदेश सरकार तुरंत नियम के अनुसार पुनर्वास करे।’
मेधा पाटकर ने कहा कि बांध प्रभावित लोग बहुत ही दयनीय जिंदगी रहे हैं। जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं हो जाती तब तक हम अपना धरना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि सरदार सरोवर बांध में पानी भरने से प्रदेश के हजारों लोग बेघर हो चुके हैं। मेधा पाटकर ने सरकार से मांग की है कि जब तक बांध प्रभावितों का पुनर्वास नहीं हो जाता तब तक बांध का जल स्तर 139 मीटर से 122 मीटर तक लाया जाए।
दूसरी तरफ बांध प्रभावितों के धरने से सरकार पर दबाव बढ़ा है। डूब प्रभावितों को मनाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वह अपनी मांगों पर अड़े हुए है। खुले में धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने मोटे-मोटे कंबलों के सहारे रात गुजारी। अफसरों ने उनसे सड़क पर नहीं सोने और नर्मदा भवन परिसर के अंदर आने की बात कही, लेकिन आंदोलन की प्रमुख मेधा पाटकर ने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि पहले दिन प्रभावित ठंड में ठिठुरते रहे, लेकिन मांगने के बाद भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी थी। अब बाहर ही सोएंगे।
दरअसल सरदार सरोवर बांध जलस्तर बढ़ने से प्रदेश के कई गाँव जलमग्न हो गए हैं। खेतों और गांवों में जाने का रास्ता बंद हो गया है। प्रभावित लम्बे समय से सरकार से पुनर्वास, मुआवजा समेत सभी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं।
