May 4, 2026

आधार ने छीना ‘आजाद’ का निवाला

नरसिंहपुर। सरकार कहती है ‘आधार- आम आदमी का अधिकार’ है लेकिन इसी आधार कार्ड ने एक शत प्रतिशत दिव्यांग के मुंह का निवाला छीन लिया है। आधार कार्ड नहीं होने से उसे किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। दिव्यांग अब सरकारी दहलीज़ों कर चक्कर लगाने को मजबूर है।

सरकारी सिस्टम कहता है कि शासकीय योजनाओ का लाभ लेना है तो आधार कार्ड लेकर आओ। आधार कार्ड बनाने वाले कहते उंगलियों का छापा दिखाओ। लेकिन उस शख्स का क्या जिसके साथ कुदरत ने ही ऐसा खेल खेला हो कि ना उसके हाथ है और ना ही पैर?

नरसिंहपुर के रहने वाले आजाद संवैधानिक नियमों की बेड़ियों ने ही कैद कर होकर रह गए है। जन्म से ही दिव्यांग आजाद के दोंनो हाथ-पैर नहीं है। बावजूद इसके उसने जीने की आस नहीं छोड़ी। मगर यह सरकारी तंत्र की बेरुखी ही है जो उसके हौसलों को तोड़ने में लगी है। वह साल दर साल सरकारी दफ्तरों में गुहार लगाते लगाते थक गया है लेकिन जब सरकारी तंत्र ही बैसाखियों के सहारे हो तो ऐसी तस्वीरें आम हो जाती है।

दरअसल आजाद के पिता ईश्वर पेशे से मजदूर है। आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण प्रशासन से मदद की गुहार लगाई तो 150 रुपए प्रतिमाह की पेंशन शुरू हो गई। हालाँकि यह बहुत कम है लेकिन परिवार ने इससे भी संतोष किया। साल 2015 में आजाद की पेंशन अचानक से बंद हो गई। परिवार ने प्रशासन का दरवाजा खटखटाया तो पता चला कि योजनाओं के क्रियान्वयन में कुछ फेरबदल हुआ है। अब बिना आधार कार्ड के पेंशन नहीं मिलेगी।

आजाद भी पिता के कंधो पर सवार होकर निकल पड़ा आधार कार्ड बनवाने के लिये। आजाद आधार केन्द्र पहुंचा तो वहां बैठे कर्मियों ने कहा कि बिना उंगलियों के छापे के आधार कार्ड नहीं बन पाएगा। आजाद बीते चार साल से सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहा है लेकिन सिवाए आश्वासन के उन्हें कुछ नहीं मिला।

बीते दिनों आजाद अपने पिता के कंधों पर बैठकर जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुँचा। चार साल तक जिस प्रशासन ने उसकी अनदेखी की लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के सामने उसका भी हृदय परिवर्तन होने लगा। अधिकारी वैकल्पिक व्यवस्था की बात करते हुए बिना आधार कार्ड के पेंशन फिर से खाते में पहुंचाने की बात कह रहे हैं।

बरहाल आजाद एक ऐसा उदाहरण है जिसके अधिकारी को ही आधारकार्ड ने छीन लिया। यहाँ सवाल यह भी है कि आम आदमी के वास्तविक हक को भी कई बार सिस्टम नियमों का हवाला देकर क्यों नकार देता है।

Written by XT Correspondent

bettilt giriş bettilt giriş bettilt pin up pinco pinco giriş bahsegel giriş bahsegel paribahis paribahis giriş casinomhub giriş rokubet giriş slotbey giriş marsbahis giriş casino siteleri