इंदौर। खुद के लिए जीना तो क्या जीना जनाब। ऐसे ही खयालों वाले 72 साल के एक शख्स का समाज और वतन के प्रति जज्बा हर किसी के लिए प्रेरणादायी है। 72 वर्षीय एक शख्स हर दिन बिगड़ती यातायात व्यवस्था को खुद संभालते हैं।
इंदौर में बेतरतीब यातायात एक बड़ी फजीहत है। शाम के वक्त अक्सर जाम के हालात बन जाते हैं। लोग घंटों परेशान होते हैं। धूल-धुँए के अलावा ईंधन भी बेकार जलता है। इसे देखते हुए शहर के 72 वर्षीय शख्स खुद चौराहों पर मैदान संभाल लेते हैं। जिस उम्र में लोग अपने परिवार के साथ आराम की जिंदगी जीना चाहते है उस उम्र में यह बुजुर्ग व्यक्ति हाथों में सिटी लेकर ट्रैफिक को संभालने में जुट जाते हैं।
अग्रवाल नगर में रहने वाले 72 वर्षीय दिनेश कुमार जैन पिछले 4 वर्षों से छावनी चौराहे पर नि:स्वार्थ ट्रैफिक कंट्रोल का काम कर रहे है। 2 घण्टे सुबह और 3 घंटे शाम को अपनी सेवाएं देते हैं। उनका मानना है कि घर में बैठकर समय बर्बाद करने से अच्छा है कि समाज और देश की सेवा में अपना योगदान दिया जाए।
उन्होंने बताया कि छावनी में ट्रैफिक की समस्या बहुत बढ़ गई है, जाम में गाडियों की लंबी कतार लग जाती है। लोगों का वक्त और ईंधन काफी बर्बाद होता है। इन्ही सब को देखते हुए ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए यह काम कर रहा हूँ। जब से इस कार्य को कर रहा हूँ तब से लेकर आज तक कोई विवाद नहीं हुआ और न ही किसी प्रकार का नुकसान हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि समाज और परिवार के लोग मुझे इस समाज सेवा के कार्य के लिए प्रेरणा देते है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके कार्य करने का अंदाज बहुत अच्छा है। वे हर दिन ट्रैफिक कंट्रोल का संचालन अच्छे ठंग से करते है। खास बात यह है कि वहां से गुजरने वाले प्रत्येक वाहन चालक उनकी न सिर्फ बात मानते है बल्कि नियमों का पालन भी करते हैं।
