इंदौर। सूबे के मुखिया कमलनाथ ने कहा था कि, ‘अगर मेरे होर्डिंग भी बिना अनुमति के लगाए जाते हैं तो वे भी हटा दिए जाएं।’ जबकि उन्हीं की सरकार में मंत्री के समर्थक होर्डिंग को लेकर सरेआम मुख्यमंत्री के निर्देशों की अवहेलना और कानून की धज्जियां उड़ाते नजर आए। उन्होंने बिना अनुमति लगे तुलसी सिलावट के होर्डिंग हो हटा रहे निगम अमले को दौड़ा दौड़ाकर पीटा।
दरअसल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट के जन्मदिन के मौके पर बधाई के बैनर पोस्टर लगाए गए थे। बिना अनुमति के लगाए गए इन पोस्टरों को हटाने के लिए निगम का अमला पहुंचा था। तुलसी सिलावट के पोस्टर हटाने से उनके रिश्तेदार और समर्थक नाराज हो गए और निगम के अमले पर हमला कर दिया। उन्होंने निगम के कर्मचारियों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा। यही नहीं वह उपायुक्त महेंद्र सिंह चौहान को भी मारने के लिए दौड़े थे।
दरअसल कैबिनेट की बैठक में यह तय हुआ कि नेता अब मनमर्जी से हर कहीं होर्डिंग्स नहीं लगा पाएंगे। इसके लिए उन्हें कलेक्टर से स्वीकृति लेनी होगी। यदि वे समय पर होर्डिंग्स नहीं हटाएंगे तो कलेक्टर जुर्माना भी लगा सकेंगे।
