सीधी। मध्यप्रदेश के सीधी में दाह संस्कार के लिए पैसे नहीं होने पर शव को नदी में प्रवाहित करने का मामला सामने आया है। परिजन शव को रिक्शा ठेले में रखकर सोन नदी के पास पहुंचे और शव को नदी में प्रवाहित कर दिया। वहीं मामला सामने आने के बाद कलेक्टर ने नगर पालिका परिषद के जरिए परिजनों को पांच हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि दी।
दरअसल सीधी जिले के कोटहा मोहल्ला निवासी महेश कोल की पत्नी की दुआसिया का बीमारी के कारण रविवार को निधन हो गया था। परिजनों के पास शव का दाह संस्कार करने का पैसा नहीं था। वहीं रविवार होने के कारण सरकारी दफ्तर भी बंद थे। ऐसे में परिजन मज़बूरी में शव को रिक्शा ठेले में रखकर 12 किलोमीटर दूर सोन नदी पर पहुंचे और शव को नदी में प्रवाहित कर दिया।
वहीं इस घटना की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सोमवार को प्रशासन की नींद टूटी। इसके बाद नगर पालिका के अधिकारियों ने मृतका के परिजनों को बुलाकर पांच हजार रुपए की आर्थिक सहायता मुहैया कराई।
इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिवराज सरकार की आलोचना की है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि, ‘शिवराज जी जब आप विपक्ष में थे तो ग़रीबों के अंतिम संस्कार को लेकर खूब दावे करते थे और कांग्रेस को खूब झूठा कोसते थे। आज आप सत्ता में है। आपकी सरकार की सच्चाई जान ले। सीधी ज़िले में एक आदिवासी परिवार की युवती की मृत्यु होने पर परिवार को माँगने पर ना शव वाहन मिला और ना अंतिम संस्कार के लिये आर्थिक मदद। पैसे नहीं होने पर, मजबूरी में परिवार ने शव को ठेले पर ले जाकर नदी में बहा दिया। कहाँ गयी आपकी अंतिम संस्कार की योजना? मानवता को शर्मशार करने वाली इस ह्रदय विदारक घटना पर तत्काल दोषियों पर कड़ी कार्यवाही हो, परिवार की हर संभव मदद हो।‘
