बड़वानी। कोरोना वायरस के चलते देशभर में लगे लॉकडाउन के कारण किसान काफी परेशान हो रहा हैं। मंडिया बंद होने, सब्जियों के भाव में आई कमी और मजदूर न मिलने के कारण सब्जियां खेतों में बर्बाद हो रही है। कई किसान खुद ही खेतों से सब्जियां उखाड़ कर फेंक रहे हैं।
दरअसल लॉकडाउन के चलते सब्जियों की मंडिया बंद है। साथ ही मजदूर नहीं मिलने से भी किसानों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने खराब है की कई किसानों के खेतों में समय पर सब्जी नहीं निकाल पाने के चलते सब्जियां खराब हो रही है। इस कारण कई किसान अपने खेत से खुद अपने हाथों से सब्जियों को उखाड़कर फेंक रहे हैं।
बड़वानी जिले के राजपुर के किसान शांतिलाल कुशवाहा अपने खेत से बैंगन और गोभी की सब्जियों की फसल को उखाड़ कर फेंक रहे हैं। शांतिलाल का कहना है कि कि लॉकडाउन से पहले जो सब्जी 18 से 20 रुपए बिक रही थी। वह अब 2 रुपए किलो में भी कोई नहीं ले रहा है। बैंगन के हालत तो यह है कि इसका कोई खरीदार ही नहीं आ रहा। इसके अलावा 400 रुपये रोज में भी मजदूर काम पर नहीं आ रहे है। इसलिए खुद ही काम करना पड़ रहा है।
भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष मंसाराम बताते हैं जिले में ज्यादातर खेती की सब्जियों होती है, लेकिन कोई भी खरीदार सब्जियों का नहीं मिल रहा है। और ना ही खेतों में काम करने के लिए मजदूर मिल रहे हैं। लॉकडाउन के बाद भाव काफी गिर गए हैं। पहले जहां भिंडी 3000 रुपये क्विंटल बिक रही थी अब वह 300 रुपये क्विंटल पर आ गई है। बैंगन और टमाटर का तो कोई खरीदार ही नहीं मिल रहा है। जिले में कई स्थानों पर मजदूर नहीं मिलने से खेतों में गेहूं की फसल खड़ी ही पड़ी है।
