शिवपुरी। महाशिवरात्रि पर शिवपुरी के माधव राष्ट्रीय उद्यान में स्थित प्राचीन भूरा-खो शिव मंदिर पर दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को निराशा हाथ लगी है। यहाँ मौजूद वन विभाग के कर्मचारियों ने नियमों का हवाला देकर शिव भक्तों को मंदिर तक जाने से रोक दिया। कर्मचारियों ने श्रद्धालुओं को अनुज्ञा पत्र रसीद कटवाने के बाद ही मंदिर तक जाने की बात कही है।
दरअसल महाशिवरात्रि का पर्व होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु भूरा खो स्थित प्राचीन शिव मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुंचे थे। वहां मौजूद वन विभाग के स्टाफ ने श्रद्धालुओं से कहा कि वहीँ श्रद्धालु अंदर जा पाएगा जो प्रवेश अनुज्ञा पत्र रसीद कटवाएगा। अनुज्ञा पत्र रसीद कटवाने के लिए 100 से लेकर 600 रुपए तक खर्च पड़ता है। ऐसे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को मायूसी हाथ लगी है।
पूजा अर्चना के लिए आए एक शिवभक्त सुनील त्रिवेदी ने बताया कि 100 रुपए की रसीद कटवाने के बाद उन्हें मंदिर तक जाने दिया गया। वहीँ शिवपुरी से एक शर्मा परिवार को भगवान के दर्शन करने के लिए 600 रुपए की रसीद कटवानी पड़ी।
मंदिर के पुजारी परिवार से ताल्लुक रखने वाले गोविंद प्रसाद शर्मा ने बताया कि उनके दादा ने यहां पर 35 वर्षों तक पूजा की लेकिन महाशिवरात्रि के दौरान उन्हें यहां पूजा अर्चना करने नहीं दी गई और रसीद कटवाने की बात कही। उन्होंने माधव राष्ट्रीय उद्यान प्रबंधन और जिला प्रशासन से मांग की है कि महाशिवरात्रि और प्रति सोमवार को श्रद्धालुओं को निशुल्क प्रवेश की इजाजत दी जानी चाहिए।
गौरतलब है कि भूरा खो स्थित प्राचीन शिव मंदिर सिंधिया स्टेट काल से ही प्रसिद्ध मंदिर है और यहां पर कई वर्षों से लोग अपनी आस्था के चलते पूजा अर्चना करने के लिए आते हैं। महाशिवरात्रि के मौके पर राष्ट्रीय उद्यान के कर्मचारियों की मनमानी को लेकर शिवभक्तों में आक्रोश देखा गया।
