भोपाल। पिछले छह दिनों से अपनी मांगों को लेकर भोपाल में नर्मदा भवन के सामने धरना दे रहे विस्थापितों का धरना समाप्त हो गया है। सरकार की तरफ से मांगे माने जाने का लिखित आश्वासन मिलने के बाद विस्थापितोंने गुरुवार शाम को अपना धरना प्रदर्शन ख़त्म करने का निर्णय लिया।
दरअसल नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर की अगुवाई में सरदार सरोवर बांध के बेक वाटर से प्रभावित लोग अपनी मांगों को लेकर नर्मदा भवन के सामने धरना दे रहे थे। गुरुवार को नर्मदा घाटी विकास मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल की की अध्यक्षता में अतिरिक्त मुख्य सचिव, आयुक्त एनवीडीए, एनवीडीए के अधिकारियों के साथ नर्मदा बचाओ आंदोलन प्रमुख मेधा पाटकर एवं कार्यकर्ताओं की बैठक हुई।
बैठक में तय हुआ की किसानों को जो नुकसान हुआ है, जिनकी जमीन डूब गई है या टापू बन गई है उन्हें आरबीसी के तहत बीमा कंपनियों से भरपाई दिलाई जाएगी। इसके अलावा यह भी तय किया गया कि नाव चालू रहेगी और नाविकों को उनका वेतन दिया जाएगा। मवेशियों के लिए चारा की व्यवस्था पशुपालन विभाग और कलेक्टर मिलकर करेंगे।
हालाँकि बैठक में टिन शेडों में भोजन चालू रखने की मांग सरकार ने नहीं मानी। अधिकारियों का कहना है कि बहुत सारे अपात्र लोग टिन शेड में है। इसलिए सभी को भोजन नहीं दे सकते। इसके बाद विस्थापितों ने अपना फंड बनाकर राशन की दुकानों से राशन लेकर एक व्यवस्था बनाने की योजना बनाना शुरू की है।
