नरसिंहपुर। समर्पित लगन और प्रबल इच्छा शक्ति के बल पर एक शख्स ने देश व समाज के सामने एक नई नजीर पेश की है। इस शख्स ने अपनी मेहनत से पथरीली बंजर भूमि को गुलजार कर दिया है। किसी समय जल संकट व गर्मी से जूझती यह पथरीली बंजर भूमि आज हरी भरी हो गई है।
यह कमाल करने वाले शख्स का नाम रविशंकर सोनी है। रविशंकर नरसिंहपुर वन मंडल अंतर्गत गोटेगांव वन परिक्षेत्र के ग्राम पहाड़ीखेड़ा में वनपाल के पद पर पदस्थ है। उन्होंने अपने परिश्रम से बंजर भूमि पर 800 पौधे लगाकर उसे हरा भरा कर दिया। खास बात यह है कि उन्होंने जितने पौधे लगाए है सभी पूरी तरह स्वस्थ्य हैं। कुछ तो अब पेड़ बनने के करीब हैं।
रविशंकर सोनी बताते है कि जब उनका रिटायरमेंट होने वाला था तब उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष इच्छा जताई थी कि वह यादगार स्वरूप पहाड़ीखेड़ा की भूमि में 50 पौधे लगाना चाहते हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने उनकी मंशा को देखते हुए 50 की बजाय 800 पौधे स्वीकृत कर दिये।
2 जुलाई 2017 को रविशंकर ने वन कर्मियों व ग्रामीणों के साथ मिलकर इस बंजर भूमि में 800 पौधे रोप डाले। रविशंकर ने इन पौधों की बच्चों की तरह देखभाल की। ख़ास बात यह है कि 800 में से एक भी पौधा नष्ट नहीं हुआ। इसी दौरान तत्कालीन सरकार के निर्णय अनुसार रिटायरमेंट की उम्र में 2 साल का इजाफा होने से मानो इस पर्यावरणप्रेमी को मन मांगी मुराद मिल गयी।
रविशंकर द्वारा लगाए गए पौधरोपण की शत-प्रतिशत सफलता को देखते हुए विभाग से इन्हें जुलाई 2019 में पहाड़ी खेड़ा रेस्ट हाउस के आसपास फिर 1200 पौधे लगाने का टॉरगेट मिल गया। इस लक्ष्य को भी रविशंकर ने आसानी से प्राप्त कर लिया। अब इस क्षेत्र में इनके द्वारा लगाये गये कुल 2 हजार पेड़ जीवित व पूरी तरह स्वस्थ्य हैं।
रविशंकर की इस सफलता में उन्हें अधीनस्थ स्टाफ का भी भरपूर सहयोग मिला। वन रक्षक अमर सिंह तोमर व पौधरक्षक एवं चौकीदार राजकुमार डेहरिया ने प्रतिकूल मौसम में इन पौधों की रक्षा से लेकर खाद-पानी देने में भरपूर सहयोग किया। अगर किसी पौधे की एक पत्ती भी उन्हें रोगग्रस्त नजर आती तो वह तुरंत कीटनाशक का छिड़काव कर पौधे को बीमारी से निजात दिलाते।
इनके सामने सबसे बड़ी चुनौती इस क्षेत्र में पानी की बेहद कमी है। बावजूद इसके ग्रामीणों के सहयोग से पानी का इंतजाम कर पौधों को सींचते आ रहे है। कई बार जब लाईट नहीं होती है तो रात के समय पानी ढोकर पौधों की सिंचाई करते हैं। अब वह दिन दूर नही जब यहां लगाए गये आम, जामुन, नींबू, बहेड़ा, आंवला सहित अन्य पौधे लोगों को छाया के साथ फल भी देंगे।
वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी रविशंकर के सरोकार और जूनून से काफी प्रभावित और खुश है। वह इसे अपने विभाग के लिए एक मॉडल के रूप में स्थापित करने की बात कह रहे है ताकि विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी इससे प्रेरणा लेकर रविशंकर का अनुसरण कर सके।
जिला वन मंडल अधिकारी बताते है कि रविशंकर ने अपनी इच्छा और मेहनत से पहले 800 और फिर 1200 पौधे लगाए हैं। इनमे से सभी पौधे जीवित व स्वस्थ्य हैं। यह वन विभाग के लिए बड़ा अचीवमेंट है। वन विभाग के अन्य जिलों के कर्मचारी भी पहाड़ीखेड़ा आकर इस पौधरोपण से प्रेरणा ले रहे हैं।
