विदिशा। स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही और अमानवीय चेहरा सामने आया है। जहाँ नसबंदी का ऑपरेशन करवाने पहुंची महिलाओं को जिम्मेदारों ने ऑपरेशन के बाद फर्श पर ही लेटा दिया। इस दौरान महिलाओं को संक्रमण फैलने के खतरे को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया।
जहाँ एक तरफ प्रदेश की कमलनाथ सरकार राइट टू हेल्थ की बात कर रही है। लेकिन स्वास्थ्य महकमे द्वारा उनकी योजना का मखौल उड़ाती तस्वीरें सामने आई है। दरअसल सोमवार को विदिशा जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर ग्यारसपुर के स्वास्थ्य केंद्र महिला नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया था। शिविर में 41 महिलाओं ने नसबंदी का ऑपरेशन भी कराया था। लेकिन ऑपरेशन के बाद उन महिलाओं को अस्पताल परिसर में ही फर्श पर लिटा दिया गया। जिम्मेदार महिलाओं को एक बेड तक नसीब नहीं करा सके।
अधिकारियों ने नवंबर महीने के ठंड के मौसम में नसबंदी का ऑपरेशन करवाने वाली महिलाओं को संक्रमण फैलने के खतरे को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया। जहां एक तरफ स्वास्थ्य महकमे द्वारा नसबंदी को लेकर समाज में जागरूकता लाने एवं प्रोत्साहित करने की बातें की जाती है। वहीं दूसरी तरफ विदिशा की इस घटना की तस्वीरें स्वास्थ्य विभाग के बेहद लापरवाह रवैये को उजागर करने के साथ शर्मसार भी करती है।
