June 10, 2026

कृषि विज्ञान केंद्र की पहल ने बदला महिलाओं का जीवन

उमरिया। कृषि विज्ञान केंद्र की एक पहल से क्षेत्र की महिलाओं के जीवन में व्यापक बदलाव आया है। केंद्र ने महिलाओं को समूह में बांटकर वैज्ञानिक तरीके से गेंदा की खेती का प्रयोग किया। यह प्रयोग काफी सफल रहा है। इससे महिलाओं को अतिरिक्त आमदनी हो रही है।

दरअसल कृषि विज्ञान केंद्र उमरिया ने जिले के तीन सैटेलाइट गांवों में बीस-बीस महिलाओं के समूह को वैज्ञानिक तरीके से गेंदा की खेती करने का प्रशिक्षण दिया। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की यह पहल काफी सफल रही। इससे महिलाओं को परंपरागत खेती के अलावा गेंदा की खेती से अतिरिक्त आमदनी हो रही है। समूह से जुड़ी महिलाएं अपने खेतों में कृषि वैज्ञानिकों की मदद से परंपरागत खेती, फल,सब्जी के अलावा गेंदा की खेती करती हैं जिसका बाजार में अच्छा मूल्य मिलने से वे काफी खुश हैं।

कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा चयनित महिला समूहों को गेंदा की अच्छी वैरायटी के बीज उपलब्ध कराए गए। साथ ही समय-समय पर वैज्ञानिक खेती का प्रशिक्षण दिया गया। कृषि वैज्ञानिकों की माने तो गेंदा के पौधों की जड़ो में एक तरह का एंटीबायोटिक होता है जो गेंदा के साथ की जाने वाली अन्य फसलों को भी कीट रोग से बचाता है। लिहाजा गेंदा की खेती किसानों के लिए और लाभदायक हो जाती है।

महिला समूहों का यह दल सप्ताह में 50 से 60 किलो गेंदा के फूलों की दो बार तोड़ाई करता है। इसे समीप के बाजारों में बेचकर महिलाएं दस से बारह हजार की आय अर्जित करती हैं। महिलाओं के उत्साह को देखकर परिवार के अन्य सदस्य एवं ग्रामीण भी गेंदा की खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

Written by XT Correspondent

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