उमरिया। जनजातीय कला को जानने और समझने के लिए यूरोप के आयरलैंड से कलाकारों का अध्ययन दल इन दिनों उमरिया पहुंचा हुआ है। अध्ययन दल उमरिया में गोंड पेंटिंग की खूबियों समझेगा और उनका यूरोप के देश में प्रदर्शन करेगा। इसके अलावा दल जनजातीय कला के संरक्षण एवं प्रचार प्रसार का साझा प्रयास भी करेगा।
बता दे कि उमरिया के टिकुली कला केंद्र पहुंचे आयरिश कलाकरों के दल में आयरलैंड की चित्रकार नडेट शर्ले एवं फ़िल्ममेकर रिची होब्स भी शामिल है। यह दल उमरिया सहित डिंडोरी जिले की गोंड आदिवासी जनजातीय कला को समझ रहा है। दल ने गोंड चित्रकला का भी बारीकी से अध्ययन किया और इसे यूरोप के देशों में प्रमोट करने का जिम्मा उठाया है।
इसके अलावा आयरिश दल ने उमरिया के टिकुली कला केंद्र एवं गोंड पेंटिंग के ओरिजन स्थल डिंडोरी जिले का भ्रमण किया। आयरिश दल ने टिकुली कला केंद्र के साथ साझा प्रयासों के माध्यम से यूरोप के देशों में भारतीय जनजातीय कला को प्रमोट करने का जिम्मा उठाया है। प्रोजेक्ट वर्क से जुड़े लोगों के अनुसार इससे जनजातीय कला को दुनिया में नई पहचान मिलेगी और उनकी आजीविका के लिए भी नए आयाम विकसित होंगे।
गौरतलब है किआदिवासी बाहुल्य उमरिया में जनजातीय कला एवं संस्कृति शुरू से ही समृद्ध रही है। देश और दुनिया में कला संस्कृति को नई पहचान दिलाने में यह कवायत सार्थक साबित होगी।
