कटनी। लॉकडाउन के कारण किसानों और व्यापारियों के साथ-साथ वैवाहिक आयोजनों से जुड़े लोगों को भी बड़ा नुकसान हुआ है। अप्रैल के महीने में अक्षय तृतीया से शादी विवाह का सीजन शुरू हो जाता है। इस दौरान देशभर में बड़ी संख्या में शादियाँ होती है। लेकिन लॉकडाउन के कारण शादियाँ कैंसिल हो गई और वैवाहिक आयोजनों से जुड़े लोगों को बड़ा नुकसान हुआ।
कोरोना वायरस के कारण जिन हाथों में मेहंदी लगनी थी, उन हाथों में सेनिटाइजर लग रहा है। जिन चेहरों पर घूंघट होना था, उन चेहरों पर मास्क बंध गया है। शादी के इस सीजन में जिनका विवाह होना था, उनके अरमानो पर पानी फिर गया है। कोरोना वायरस के चलते कटनी जिले के मैरीज गार्डन व हाल शासन ने पहले से ही अधिग्रहित कर लिए है और आयोजनों पर रोक लगी है।
ऐसे में शादी के सीजन में कमाकर पेट पालने वाले कामगारों की रोजी कोरोना की भेंट चढ़ गई है। शादी विवाह के सीजन में अपनी सेवाएं देकर पेट पालने वाले बैंड पार्टी, डीजे, घोड़ी वाले, हलवाई, केटर्स , टेंट व्यवसायी के सामने रोजी-रोटी का संकट आ खड़ा हो गया है। एक अनुमान के मुताबिक कटनी में गर्मी के सीजन में करीब दो हज़ार शादियां सम्पन्न होती है।
शादी विवाह में सेवाएं से रहे व्यवसाय से जुड़े लोंगो का कहना है कि सिर्फ कटनी जिले में लगभग 5000 परिवार वैवाहिक आयोजनों से जुड़ा है, जिसमे टैंट, लाईट, कैटर्स, रोड लाईट, बैंड धमाल, डीजे, नाई, मोची, धोबी आदि शामिल है। यह व्यापार सीजनेवल है और प्रमुख सीजन गर्मी का होता है, जो कि कोरोना वायरस की भेंट चढ़ गया है। कोरोना के चलते पूर्व में लिए गए आर्डर भी कैंसिल हो गए हैं। शादी समारोह का अगला सीजन नवंबर से शुरू होगा। ऐसे में इन आयोजनों से जुड़े धंधा वाले परिवार की स्थिति दयनीय हो गई है।
वैवाहिक आयोजनों से जुड़े लोगों ने बताया कि हम लोग के दस अप्रैल से आर्डर होना चालू थे, लेकिन लॉकडाउन के कारण जून तक के आर्डर कैंसिल हो चुके हैं। हमारे पास-पचास साठ कर्मचारी हैं, उनका भी लॉस हुआ है। वहीँ मध्यप्रदेश टेंट लाइट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अजय सरावगी ने बताया कि यह शादी का मुख्य सीजन होता है। इस सीजन के लिए हमारे सभी साथी पहले से कर्ज लेकर उधारी में सामान माँगा लेते हैं और जनवरी-फरवरी से तैयारियां करते हैं। इस बार कोरोना वायरस के कारण पूरा सीजन ही बर्बाद हो गया।
