भोपाल। भोपाल नगर निगम के अधिकारी अशरफ़ अली ने अपने कर्तव्य पालन की अनोखी मिसाल समाज के सामने पेश की है। अशरफ़ अली अपनी मां की मौत के बाद भी शहर को कोरोना से बचाने के लिए काम करते रहे। यही नहीं मां का अंतिम संस्कार करने के महज दो घंटे बाद फिर से कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जुट गए। अशरफ़ अली के कर्तव्य के प्रति निष्ठा की हर तरफ़ प्रशंसा हो रही है।
दरअसल भोपाल नगर निगम अधिकारी अशरफ़ अली को शहर को सेनेटाइज करने की ज़िम्मेदारी मिली थी। इस काम को दौरान उन्हें खबर मिली कि उनकी माँ का इंतक़ाल हो गया हैं। हालांकि इसके बावजूद वह अपनी ड्यूटी करते रहे। उन्होंने अपने दोस्तों को घर भेजकर माँ के अंतिम संस्कार की तैयारी करवाई। इसके बाद वह अपनी माँ का अंतिम संस्कार करने के लिए घर गए। यही नहीं माँ का अंतिम संस्कार करने के दो घंटे बाद ही अशरफ़ अली ड्यूटी पर लौट गए।
अशरफ़ अली कहते हैं कि इन्हें बुजुर्गों से प्रेरणा मिली कि अपनी माँ और भारत माँ मेरे लिए बराबर है। माँ तो चली गई अब भारत माँ की रक्षा मेरा पहला कर्तव्य था, भोपाल में ऐसे हज़ारों लोग है उनकी माँ की सुरक्षा मेरे कंधे पर है, इसलिए मैंने यह काम चुना। अशरफ़ ने लोगों से अपील भी की है कि प्रशासन का सहयोग करें और घर में रहें। अशरफ़ के इस फ़ैसले से हर तरफ़ उनकी प्रशंसा हो रही है।
