निवाड़ी। कानून के पहरेदार ही अपने मनोरंजन के लिए सरेआम कानून की धज्जियां उड़ाने में लगे हैं। एक ऐसी ही तस्वीर सामने आई है जिसमें थाना प्रभारी थाना परिसर में ही अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ मदारी-बंदरों का तमाशा देख रहे हैं। यही नहीं थाना प्रभारी ने मदारी की हौसला अफजाई करते हुए ठहाके भी लगाए।
दरअसल भारत सरकार द्वारा जंगली जानवरों के सरंक्षण के लिए वन्य प्राणी संरक्षण कानून 1972 बनाया गया है। जिसके तहत जंगली जानवरों के किसी भी प्रकार के व्यवसायिक उपयोग पर पूरी तरह से रोक लगी है। लेकिन जिनके कंधों पर इस कानून का पालन करने की जिम्मेवारी है वहीं अपने मनोरंजन के लिए सरेआम कानून की धज्जियां उड़ाने लगे तो आम जन से क्या उम्मीद की जाए?
ताजा मामला मध्य प्रदेश बुंदेलखंड अंचल के निवाड़ी जिले के जतारा क्षेत्र के पृथ्वीपुर का है। पृथ्वीपुर थाना परिसर की कुछ तस्वीरें सामने आई है जिसमें थाना प्रभारी मृगेन्द्र त्रिपाठी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ थाना परिसर में कुर्सी डालकर खुलेआम एक मदारी की कैद में दो बंदरों का तमाशा देख रहे हैं। इस दौरान वह मदारी की हौसला अफ़जाई करते हुये ठहाके लगाते नजर आ रहे हैं।
यह वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम का खुला उल्लंघन तो है ही साथ ही पुलिस महकमा भी अपनी गरिमा को धूमिल कर साख पर बट्टा लगा रहे हैं। अधिकारियों की मानें तो यह तो सरासर पशु क्रूरता में आता है और इस पर मामला दर्ज होना चाहिए।
