भोपाल। टाइगर स्टेट का दर्जा प्राप्त मध्य प्रदेश एक बार फिर से तेंदुओं की संख्या में भी देश में नंबर वन बन सकता है। भारतीय वन्यजीव प्रबंधन संस्थान देहरादून इसी महीने तेंदुआ, भालू सहित अन्य मांसाहारी और शाकाहारी वन्य प्राणियों के आंकड़े जारी कर सकता है। इन आकड़ों के सामने आने के बाद मध्य प्रदेश एक बार फिर सबसे ज्यादा तेंदुओं की आबादी वाला प्रदेश बन सकता है।
वैसे तो भारतीय वन्यजीव प्रबंधन संस्थान देहरादून के आकड़े नवंबर या दिसंबर 2019 में जारी होने थे, लेकिन मैदानी स्तर से मिले डेटा के मिलान में देरी हो रही है। इन आंकड़ों में मध्य प्रदेश सबसे ज्यादा तेंदुओं की आबादी वाला प्रदेश बन सकता है। इसका कारण यह है कि प्रदेश में तेंदुए की उपस्थिति के ज्यादा प्रमाण मिले है। साल 2014 में प्रदेश के 30 जिलों में तेंदुए पाए गए थे जबकि साल 2018 में 46 जिलों में तेंदुए के प्रमाण मिले थे।
बता दे कि 2014 में भी मध्य प्रदेश 1817 तेंदुओं के साथ देश में पहले स्थान पर था। उस समय कर्नाटक 1129 तेंदुओं के साथ देश में दूसरे स्थान पर था। इस बार भी मध्य प्रदेश में तेंदुओं की संख्या में इजाफा होने की पूरी उम्मीद है।
