मंदसौर। आपने लोगों के अजीबों-गरीब नाम तो सुने होंगे, लेकिन क्या किसी व्यक्ति का नाम 26 जनवरी हो सकता है? यह सच हैं! मंदसौर के एक शासकीय कर्मचारी का नाम 26 जनवरी है। अपने नाम के कारण इस शख्स को कई बार परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार लोग मजाक भी बनाते हैं। बावजूद इसके यह शख्स अपने नाम से काफी खुश है। उसे ख़ुशी है कि हर हिन्दुस्तानी उसका जन्मदिन मनाता है।
मंदसौर डाइट कॉलेज यानी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण केंद्र में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में पदस्थ 52 वर्षीय शख्स का पूरा नाम 26 जनवरी टेलर है। इनका नाम 26 जनवरी कैसे रखा गया, इसके पीछे भी दिलचस्प कहानी है। दरअसल इनके पिता सत्यनारायण टेलर एक शिक्षक थे। 26 जनवरी के दिन इनके पिता सुबह स्कूल में झंडा वंदन कार्यक्रम में उपस्थित थे। तभी उन्हें किसी ने बताया कि उनके घर बेटा हुआ है। गणतंत्र दिवस पर बेटे के जन्म से सत्यनारायण इतने खुश हुए कि उन्होंने अपने बेटे का नाम 26 जनवरी ही रख दिया।
सत्यनारायण को कई बार लोगों ने समझाया कि अपने बेटे का नाम बदलकर कुछ और रख लो, लेकिन सत्यनारायण नहीं माने। उन्होंने अपने बेटे के स्कूल और अन्य दस्तावेजों में भी बेटे का नाम 26 जनवरी ही लिखवाया। 26 जनवरी ने बताया कि बचपन में दोस्त उनके नाम का मजाक बनाया करते थे। कोई पहली बार मिलता तो उसे मेरा नाम सुनकर हंसी आ जाती। उन्हें इस नाम के कारण कई परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। हालाँकि धीरे-धीरे उन्हें भी इस नाम की आदत पड़ गई। आज उन्हें इस बात की ख़ुशी हैं कि इनका जन्मदिन गणतंत्र दिवस के रूप में पूरे देश में मनाया जाता है।
26 जनवरी टेलर ने अपने नाम के साथ जीना सीख लिया है। आज वह हजारों की भीड़ में भी अपने अलग नाम के कारण पहचाने जाते हैं। ऑफिस में सभी लोग इन्हें 26 जनवरी के नाम से जानते हैं। 26 जनवरी आने के पहले ही 26 जनवरी टेलर को पूरा स्टाफ और परिचित लोग जन्म दिवस की बधाइयाँ देने लगते हैं।
