बड़वानी। बडवानी के नजदीक राजघाट में नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद अधिकतर रियासतकालीन घाट पानी में डूब गए हैं। रियासत कालीन घाट के पानी में डूब जाने के बाद नदी पर विभिन्न क्रियाकलापों के लिए आने वाले लोगों को इस समय परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह राजघाट स्नानदान के साथ पुण्यकर्म व अंतिम क्रियाक्रम के लिए अपनी पहचान रखता था। लेकिन यह राजघाट सरदार सरोवर बांध के बैक वाटर डूब क्षेत्र में आने से घाट किनारे अब पानी ही पानी है। नर्मदा के पानी में घाट डूब चुके हैं और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
खेत व ईंट भटटो के बीच स्नान
नदी किनारे पानी बढ़ने के बाद नर्मदा भक्तो को सडक के किनारे, खेत व ईंट भट्टो के बीच स्नान करने के साथ ही कर्मकांड करवाने पड़ रहे हैं। वही चिखल्दा निवासियो से भी नर्मदा घाट का साथ छूट गया है। राजघाट में नर्मदा नदी के किनारे रियासतकालीन बना हुआ घाट था। इस घाट के कारण यहां पर साल भर चहल पहल के साथ ही विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होते रहते। वही वाहनों से नर्मदा यात्रा करने वालो का भी सालभर आना लगा रहता था। 2017 में गांधी स्मारक को यहां से हटाया गया। उसके बाद नर्मदा नदी में बढे हुए जलस्तर के बाद भी श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहता था। यह पहली बार है जबकि लगभग दो महीने से नर्मदा नदी के बढे हुए जलस्तर के कारण राजघाट में आवाजाही बन्द हो गई है।
इस घाट पर क्या था खास
- महात्मा गांधी का स्मारक
- दतात्रय भगवान का मंदिर।
- नर्मदा मंदिर सहित अन्य 5 मंदिर।
- श्रद्धालुओं के लिये बनी विषाल धर्मशाला।
- नर्मदा नदी में स्नानएपूजनएदान हेतु श्रद्वालुओ का आना।
- अंतिम क्रियाक्रम हेतु पर्याप्त और व्यवस्थित स्थान था।
- सामाजिक राजनीतिक गतिविधी होती रहती थी।
- धार्मिक आयोजन जैसे, नर्मदा जंयती, भागवत पुराण, भंडारा ।
- तैराकी सीखने वालो को बहुत अच्छा और साफ सुरक्षित घाट था
- स्नान के बाद महिलाओ के बने थे अस्थाई चेंज रूम।
- नर्मदा नदी में पानी बढने की स्थिति में श्रद्धालुओं द्वारा बनवाया गया नया घाट।
- लागत लगभग 80 लाख रूपये।
खेत और ईट भट्टों के पास करना पड़ रहा है स्नान
वर्तमान समय में नर्मदा नदी में आस्था व श्रद्धा रखने वालो को आप नर्मदा स्नान से रोक नही सकते चाहे परिस्थिति कैसी भी हो। बडवानी से तीन किमी दूर राजघाट रोड पर जहां तक नर्मदा पदी का पानी पंहुचा है वहां पर लोगों को इन परिस्थितियों में स्नान करना पड़ रहा ह।
- खेत में स्नान
- ईट भट्टा के पास स्नान।
- सडक पर कर्मकांड।
- महिलाओं को खुले में कपडे बदलने पड़ रहे हैं।
धार्मिक आस्था और श्रृद्धा प्रभावित
एक समय राजघाट के सामने चिखल्दा में सुन्दर घाट थाएजो अब पानी में डूब गया हैं। जहां धार्मिक आस्था और श्रद्वा प्रभावित हुई है तो दूसरी और नदी में प्रदूषण भी बढ़ता जा रहा है। प्रतिदिन नर्मदा स्नान करने वाले दिलीपए दिनेश और रामलाल का कहना है कि पहले सुना था कि नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण वाले नर्मदा घाट और मंदिरों को फिर से बसाएंगे लेकिन उन्हें यही नहीं मालूम कि पानी का स्तर कहां तक जाएगा।
